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सहारा समूह को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

Tue, 04 Dec 2012 01:57 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Tue, 04 Dec 2012 01:57 PM IST
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supreme court urges sahara to repay investors

सुप्रीम कोर्ट ने सैट के खिलाफ सहारा समूह की अपील पर सुनवाई करते हुए उसे तगड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने निवेशकों को 27,000 करोड़ रुपये लौटाने के आदेश का पालन नहीं करने पर सोमवार को सहारा से एक दिन का समय देते हुए पूछा कि  क्या वह हफ्ते भर के भीतर लोगों का 27 हजार करोड़ दे पाएगा। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होनी है।

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मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सहारा समूह की कंपनियों सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन से मंगलवार तक यह बताने को कहा है कि क्या वह एक सप्ताह के भीतर निवेशकों को समूची रकम लौटाने की स्थिति में हैं?
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अदालत ने सहारा की अपील को सुनवाई लायक न होने की बात कहते हुए उसकी नीयत पर भी सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि आपकी नीयत डगमगाई हुई सी है और इस मामले में आपका हर कदम ऐसा ही दिखाई देता है। सहारा की ओर से पैरवी कर रहे वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने जब निवेशकों को एकमुश्त सारी रकम न लौटा पाने के पक्ष में दलील दी तो अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि आप अपने गलत काम को न्यायोचित ठहरा रहे हैं।
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दूसरी ओर बाजार नियामक सेबी ने सहारा की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि हमने उसके खिलाफ अवमानना का मामला पहले ही दायर कर रखा है। सेबी ने सहारा समूह की दोनों कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसपर अदालत ने कहा कि उसे इस बात की चिंता ज्यादा है कि आम आदमी को उसका निवेश किया हुआ पैसा किस तरह वापस मिलेगा। अगर आप चाहते हैं उन्हें जेल भेज दिया जाए तो ऐसा हो सकता है लेकिन, हमारी प्राथमिकता आम लोगों के निवेश की रकम की वापसी है।

गौरतलब है कि कोर्ट ने ही  सहारा समूह की दोनों कंपनियों को निवेशकों के पैसे लौटाने का निर्देश अगस्त में ही दिया था। कंपनियों ने प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) द्वारा अपनी याचिका गुरुवार को खारिज किए जाने को चुनौती दी थी। कंपनियों  ने सैट में याचिका दाखिल कर उसे अपने रजिस्ट्रार को 5,120 करोड़ रुपये का अदायगी आदेश स्वीकार करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। कंपनियों को यह राशि निवेशकों के जमा भुगतान के लिए सेबी के पास जमा करानी थी।


ऐसा रहा घटनाक्रमः
31 अगस्त, 2012: सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को 24,000 करोड़ रुपये 15 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ तीन महीने के भीतर निवेशकों को लौटाने का आदेश दिया। साथ ही यह भी आदेश दिया कि सहारा यह रकम सेबी के पास जमा कराए और सेबी खुद इन निवेशकों को रुपये लौटाए। अदालत ने सहारा से कहा कि वह अनुमानित 3 करोड़ निवेशकों की जानकारियां सेबी को उपलब्ध कराए।
12 सितंबर, 2012: सहारा ने दो ट्रक दस्तावेज सेबी मुख्यालय भिजवाया, सेबी ने कुछ रखकर अधिकतर वापस कर दिया।
5 अक्तूबर, 2012: सहारा समूह ने सुप्रीम कोर्ट के 31 अगस्त के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए याचिका दायर की।
18 अक्तूबर, 2012: सुप्रीम कोर्ट का सहारा को अतिरिक्त समय देने से इनकार।
19 नवंबर, 2012: सहारा का सेबी के खिलाफ सैट में अपील, संबंधित दस्तावेज जमा करने के लिए और मोहलत मांगी।
30 नवंबर, 2012: सैट ने सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा सेबी के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी।

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