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चार फरवरी तक सेवा जारी रख सकेंगे मौजूदा ऑपरेटर
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jan 2013 11:44 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को टूजी स्पेक्ट्रम के मौजूदा ऑपरेटरों को अपनी सेवाएं चार फरवरी तक जारी रखने की अनुमति दे दी। यह समय सीमा 18 जनवरी को समाप्त होने वाली थी। साथ ही शीर्षस्थ अदालत ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह पिछले साल लाइसेंस रद्द होने के बाद अपनी सेवाएं जारी रखने वाले सेवा प्रदाताओं से वसूल की जाने वाली कीमत की जानकारी कोर्ट को दे।
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जस्टिस जीएस सिंघवी और जस्टिस केएस राधाकृष्णन की पीठ ने मामले की सुनवाई चार फरवरी के लिए स्थगित करते हुए कहा कि अदालत को बखूबी पता है कि स्पेक्ट्रम की कीमत क्या है। सेवा प्रदाताओं की ओर से पिछले साल 2 फरवरी के फैसले के बाद भुगतान की जाने वाली राशि की जानकारी सीलबंद लिफाफे में पेश की जाए। पीठ ने कहा कि मौजूदा ऑपरेटरों को सुनवाई की अगली तारीख तक संचालन जारी रखने की अनुमति दी जाती है।
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सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दो फरवरी को 2जी स्पेक्ट्रम के 122 लाइसेंस रद्द कर दिए थे और दूरसंचार विभाग को चार महीने के अंदर नए सिरे से नीलामी का निर्देश दिया था। नीलामी की अवधि समय-समय पर अंतरिम आदेश से बढ़ाई जाती रही है। अदालत ने दूरसंचार विभाग के वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता पीपी राव से कहा कि 12 से 14 नवंबर के दौरान प्रथम चरण की नीलामी में सफल संचार कंपनियों के बारे में और 11 मार्च से दूसरे दौर की नीलामी के प्रस्तावित आधार मूल्य के बारे में सरकार से जानकारी हासिल की जाए।
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सर्वोच्च अदालत यह भी जानना चाहता है कि दो फरवरी के फैसले के तहत जिन आपरेटरों के लाइसेंस रद्द हो गये थे उनमें से कितने आपरेटरों ने नीलामी में भाग लिया और कितने आपरेटरों ने अपना कारोबार जारी रखा। मार्च में होने वाली नीलामी के लिए सरकार ने न्यूनतम मूल्य कितना तय किया है। अदालत ने संचार विभाग से यह भी स्पष्ट करने के लिये कहा है कि नीलामी प्रक्रि या में हिस्सा नहीं लेने वाले मौजूदा आपरेटरों को आगे संचालन जारी रखने दिया जाएगा या नहीं।