{"_id":"39b6b590-16de-11e2-bd1a-d4ae52bc57c2","slug":"sugar-exports-grew-one-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीनी निर्यात की छूट एक साल और बढ़ी","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
चीनी निर्यात की छूट एक साल और बढ़ी
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 Oct 2012 09:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार ने चीनी निर्यात की छूट एक साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। फिलहाल ओपन एंड जनरल लाइसेंस (ओजीएल) के तहत चीनी के निर्यात की छूट दी गई है। केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रो. केवी थॉमस ने सोमवार को बताया कि देश में लगातार तीसरे साल घरेलू मांग से ज्यादा चीनी का उत्पादन होने जा रहा है, इसे देखते हुए सरकार ने चीनी निर्यात की छूट को एक साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। इस बारे में जल्द ही एक आदेश जारी किया जाएगा।
चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार रंगराजन समिति की सिफारिशों पर जल्द फैसला लेगी, यह मामला ठंडे बस्ते में नहीं जाएगा। इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय के सुझावों की समीक्षा भी की जा रही है। सोमवार को इस मुद्दे पर थॉमस ने कृषि मंत्री शरद यादव से भी मुलाकात की है।
पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने के लिए कई सिफारिशें की गई हैं। इस मामले पर पहले टुटेजा और थोराट समिति भी सिफारिशें दे चुकी हैं, जो अभी तक लागू नहीं हो पाई हैं।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि ब्राजील के बाद भारत विश्व का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुकाबले भारत में चीनी की कीमतें ज्यादा होने की वजह से छूट के बावजूद पिछले कई महीनों में चीनी का निर्यात नहीं हुआ है।
विज्ञापन
चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार रंगराजन समिति की सिफारिशों पर जल्द फैसला लेगी, यह मामला ठंडे बस्ते में नहीं जाएगा। इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय के सुझावों की समीक्षा भी की जा रही है। सोमवार को इस मुद्दे पर थॉमस ने कृषि मंत्री शरद यादव से भी मुलाकात की है।
विज्ञापन
पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने के लिए कई सिफारिशें की गई हैं। इस मामले पर पहले टुटेजा और थोराट समिति भी सिफारिशें दे चुकी हैं, जो अभी तक लागू नहीं हो पाई हैं।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि ब्राजील के बाद भारत विश्व का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुकाबले भारत में चीनी की कीमतें ज्यादा होने की वजह से छूट के बावजूद पिछले कई महीनों में चीनी का निर्यात नहीं हुआ है।