जब प्याज खरीदने के लिए छात्रों ने बैंक से मांगा लोन
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देश में प्याज की बढ़ती कीमतों ने जहां सरकार की नींद उड़ा दी है, वहीं जनता की जेब भी हल्की कर रही है। बढ़ती कीमतों से परेशान होकर कुछ छात्रों ने बैंक मैनेजर से लोन की गुहार लगाई है।
छात्रों ने बैंक मैनेजर कहा कि सर हमें प्याज खरीदना है। इसे खरीदने को हमारे पास पैसे नहीं हैं। अगर आप लोन दिलवा दें तो मेहरबानी होगी। ये छात्र आगरा में कैनरा बैंक की दीवानी चौराहे शाखा पर लोन की मांग करने पहुंचे हुए थे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये छात्र कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई से जुड़े हुए थे। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बाकायदा एक प्रार्थना पत्र तैयार किया। इसे ब्रांच मैनेजर को थमाया। इसमें प्याज और दालों की आसमान छू रही कीमतों का जिक्र किया गया था। साथ ही इसे खरीदने के लिए लोन देने का अनुरोध किया गया।
मैनेजर ने इस पत्र को ऊपर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि महंगाई इसी तरह बढ़ी तो हर आम आदमी को सब्जियां खरीदने के लिए लोन लेना पड़ेगा।
गौरतलब है कि प्याज कीमतों ने आंखों में आंसू ला दिए हैं। प्याज खुदरा दुकानों पर 70 से 80 रुपये किलो तक बिक रहा है। जब से प्याज के दाम बढ़े हैं होटलों के अलावा घरों में भी थाली से प्याज गायब हो गया है।
जानें प्याज ने क्यों बढ़ाई परेशानी
दुनिया के 175 देश प्याज पैदा करते हैं। केवल भारत और चीन में ही विश्व का करीब 45 फीसदी (सात करोड़ टन) प्याज पैदा किया जाता है। हालांकि अब इसकी आसमान छूती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार के माथे पर बल पड़ गए हैं।
महाराष्ट्र में सबसे अधिक प्याज बोया जाता है। वहां इसकी दो फसलें (एक नवंबर में और दूसरी मई में) मिलती हैं। इस बार बेमौसम बारिश और फिर सूखा के चलते प्याज का उत्पादन कम हुआ, जबकि निर्यात अपनी गति से बना रहा। इस वजह से मंडियों में प्याज की किल्लत पैदा हो गई है।
भारत से प्याज का निर्यात नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका समेत अन्य देशों में किया जाता है।
बड़े आढ़ती अपने स्तर से अफगानिस्तान के प्याज का आयात कर रहे हैं। नेफेड करीब 10 हजार टन प्याज के आयात की प्रक्रिया में है। कुछ राज्य सरकारों ने भी इस बाबत कदम उठाए हैं।
सरकार ने घरेलू बाजार में प्याज की स्थिति को देखते हुए निर्यात पर नियंत्रण के लिए न्यूनतम निर्यात मूल्य को 425 अमेरिकी डॉलर प्रति टन से बढ़ाकर 700 डॉलर प्रति टन कर दिया है।
अगस्त माह के अंत तक विदेश से प्याज आ जाएगा और इसके बाद ही दामों में गिरावट की उम्मीद है।