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स्थिर सरकार से सुधरेगी अर्थव्यवस्था : रिजर्व बैंक

Fri, 27 Jun 2014 08:52 AM IST
एजेंसी
एजेंसी Updated Fri, 27 Jun 2014 08:52 AM IST
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strong chance to improvement in economy with stable government
रिजर्व बैंक ने कहा कि स्थिर सरकार बनने से अर्थव्यवस्था में सुधार की संभावना जगी है। संपदा गुणवत्ता सुधरने और लाभ बढ़ने से बैंकिंग प्रणाली बेहतर हुई है। रिजर्व बैंक ने अपनी नौवीं वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में ये बातें कही हैं।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम भी कुछ कम हुआ है लेकिन विकास को गति देने से राजकोषीय और चालू खाता घाटे की चुनौती बन सकती है। बैंकों का पूंजी अनुपात नियामक की आवश्यकता से ऊपर है लेकिन जहां तक संपदा गुणवत्ता (एसेट क्वालिटी) की बात है, वह अभी भी जोखिम में है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई से निपटने के लिए आपूर्ति से जुड़ी बाधाओं को दूर करने की जरूरत है।
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रिपोर्ट के मुताबिक ऊंची महंगाई और वित्तीय क्षेत्र में निवेश पर रिटर्न में कमी से लोग बेहतर निवेश विकल्प तलाश रहे हैं। घरेलू विकास में मंदी और उच्च महंगाई से बचत निवेश संतुलन में विपरीत प्रभाव पड़ा है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुसार प्रति परिवार बैंक जमा सहित वित्तीय बचत में गिरावट आ रही है।
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वहीं सोना सहित मूल्यवान वस्तुओं पर व्यय में पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि हुई है, लेकिन मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में इसमें कमी आई है। जीडीपी के अनुसार प्रति परिवार वित्तीय बचत 2007-08 में 12 फीसदी के करीब था, जो 2013-14 में घटकर लगभग 7 फीसदी पर आ गया।

रिपोर्ट के मुताबिक विकास दर और महंगाई के बीच आठ में से सात तिमाहियों में अंतर रहा है। इस दौरान विकास दर 5 फीसदी से कम और महंगाई दर ऊंची रही। 2013-14 की अंतिम तिमाही में खाद्य पदार्थों और ईंधन को छोड़कर खुदरा महंगाई 8 फीसदी के आसपास रही है। उच्च महंगाई दर का अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ सकता है। इससे वित्तीय बचत, निवेश और विकास भी प्रभावित हो सकता है।


रिजर्व बैंक ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों के कम होने के अनुमान हैं। हालांकि, हाल के महीने में कुछ ऐसे घटनाक्रम हुए हैं, जिससे चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा को लेकर चिंता पैदा हुई है। एक तरफ जहां वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर विकास को गति देने के लिए बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता है।
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