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चीन में होगी हस्तशिल्प उत्पादों की दमदार ब्रांडिंग
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 26 Apr 2013 08:56 AM IST
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हस्तशिल्प उत्पादों के प्रति चीनी लोगों के गहरे लगाव को देखते हुए भारत सरकार अपने हस्तशिल्प उत्पादों एवं वस्त्रों की चीन के बाजारों में दमदार ब्रांडिंग और तेज विस्तार करेगी।
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इसके मद्देनजर भारत के हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) और चाइना अंतरराष्ट्रीय व्यापार संवर्धन परिषद (सीसीपीआईटी) के बीच एक समझौता हुआ है। समझौते के तहत दोनों देश इस क्षेत्र में कारोबारी विस्तार के लिए मिलकर कार्य करेंगे।
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चीन के बाजारों में भारतीय हस्तशिल्प एवं वस्त्रों की ब्रांड पहचान को मजबूत करने और कारोबार को विस्तार देने के उद्देश्य से हाल ही में कपड़ा सचिव जोहरा चटर्जी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने चीन का दौरा किया।
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प्रतिनिधिमंडल ने चीन के बाजार में भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों के विस्तार को लेकर चीन की अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिषद व अन्य कारोबारी संगठनों से मुलाकात की। इस बाबत दोनों देशों के बीच एक समझौता किया गया।
सहमति पत्र पर ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार और सीसीपीआईटी के प्रेसिडेंट जेन केझांग ने दस्तखत किए।
चीन में लोगों का रुझान मशीन से बने उत्पादों की बजाय हस्तनिर्मित और हस्तशिल्प उत्पादों की ओर अधिक है। भारत ने कभी भी आक्रामक रूप से अपने हस्तशिल्प उत्पादों को लेकर चीन के बाजार में प्रवेश नहीं किया और न ही उनका विस्तार किया। अब भारत ने इसकी शुरुआत की है।
इसके तहत भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने चीन के बाजार में भारतीय उत्पादों की मजबूत ब्रांडिंग और विस्तार के लिए कई अहम बैठकें की और ग्वांगझू में सेमीनार का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में चीनी आयातक, डिपार्टमेंटल स्टोर्स और नीति निर्माता शामिल थे।
सीसीपीआईटी जैसे कई शीर्ष चीनी संगठनों ने भारत के साथ मिलकर इस क्षेत्र में परस्पर कार्य करने की इच्छा जाहिर की है।
इससे निश्चित तौर पर आने वाले दिनों में चीन के बाजारों में भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की पहुंच और मांग बढ़ेगी। जल्द ही भारत में निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए चीन के वस्त्र मशीन निर्माताओं का प्रतिनिधिमंडल भारत का दौरा करेगा।