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चोरी रोको, भुगतान करो, 24 घंटे बिजली पाओ
राजीव कुमार/नई दिल्ली
Updated Mon, 22 Dec 2014 09:10 AM IST
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बिजली चोरी रोकने के काम बिजली विभाग नहीं बल्कि मोहल्ले के निवासियों को खुद ही मिलकर करना होगा। चोरी रोकने के साथ 95 फीसदी बिल का भुगतान समय पर होता है तो उस मोहल्ले या इलाके में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की गारंटी होगी। केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने हाल ही में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय भी इस प्रस्ताव का हिमायती है।
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बिजली मंत्रालय के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार मोहल्ला स्तर पर बिजली चोरी रोकने व समय पर बिल भुगतान करने वाले इलाके में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति की गारंटी देती है।
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मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव के पीछे मकसद यह है कि बिजली चोरी रोकने का काम अगर इलाके के लोग मिलकर करेंगे तो वह ज्यादा कारगर होगा। नई सरकार बार-बार इस बात पर जोर दे रही है कि सुधार या विकास के कार्यक्रम में लोगों को भी भागीदार बनना होगा।
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बिजली मंत्रालय के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार की इस स्कीम को देश के सभी राज्यों में लागू करने के लिए उनके समक्ष इस प्रस्ताव को रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार का मकसद यह है कि इस स्कीम को देश भर में लागू करने से एग्रीगेट ट्रांसमिशन एंड कॉमर्शियल (एटीएंडसी) लॉस में कमी आएगी और इससे बिजली की भारी बचत होने के साथ बिजली वितरण की लागत भी कम हो जाएगी।
वर्तमान में देश के एटीएंडसी लॉस 20 फीसदी से अधिक है। बिजली का मामला राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में कोई राज्य महाराष्ट्र की इस स्कीम को लागू करता है या नहीं यह पूर्ण रूप से उस राज्य पर निर्भर करेगा।
बिजली मंत्रालय सब्सिडी पर आधारित सभी कार्यक्रम को भी बंद करने पर विचार कर रहा है। मंत्रालय के मुताबिक आने वाले समय में सब्सिडी पर आधारित कोई भी परियोजना नहीं लाई जाएगी। सरकार हर परियोजना को प्रतिस्पर्धी बनाना चाहती है।
इंफ्रा के लिए कम हो ब्याज दरें : गोयल
केंद्रीय बिजली, कोयला, नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि उनका अपना मत है, कि इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र सड़क, परिवहन, बिजली, पोर्ट से जुड़ी परियोजनाओं के लिए ब्याज दरों में कटौती की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की वित्तीय व्यवस्था के लिए एक्सचेंज प्रोटेक्टेड फंड का गठन किया जाना चाहिए। इस फंड से इंफ्रा की परियोजनाओं को 7-8 फीसदी की ब्याज दर पर कर्ज मिलना चाहिए।