फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   state want to more compensationon gst

जीएसटी पर राज्य चाहते हैं ज्यादा मुआवजा

Wed, 16 Jan 2013 07:58 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 16 Jan 2013 07:58 PM IST
विज्ञापन
state want to more compensationon gst

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) को लेकर राज्यों से आम सहमति बनाने के लिए सरकार आगामी बजट में संशोधन की रूपरेखा पेश कर सकती है। ताकि राज्य जीएसटी को लागू करने के लिए तैयार हो सकें। बुधवार को वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने बजट पूर्व राज्यों के वित्त मंत्रियों और उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में इस तरह के संकेत दिए हैं।

विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार, बैठक में राज्यों के तरफ से प्रमुख रूप से यह मांग आई है कि केंद्र सरकार केंद्रीय बिक्री कर में कमी करने के बदले में और ज्यादा मुआवजा दे। इस संबंध में वित्त मंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार सभी तरह के सुझावों पर विचार करने को तैयार है। राज्यों ने इसके अलावा केंद्रीय योजनाओं के वहन में राज्यों की हिस्सेदारी 15 फीसदी से ज्यादा न होने और ऐसी योजनाओं की संख्या में कमी करने की भी मांग की है।
विज्ञापन


बैठक में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि के रूप में आए राज्य योजना विभाग के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र बाजपेई ने अमर उजाला को बताया कि हमारी प्रमुख मांग यह है कि केंद्र जीएसटी के एवज में केंद्रीय बिक्री कर में की गई कमी के हर्जाने का भुगतान जल्द करे। केंद्र सरकार पर करीब 4,300 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसे जल्द दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बैठक में मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री राघवजी ने वित्त मंत्री से मांग की है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्यों में चलाई जा रही सभी योजनाओं का वहन केंद्र को ही करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि निगेटिव सूची में केवल 13 सेवाओं को रखा गया है। जबकि उच्चाधिकार समिति ने 35 की सिफारिश की थी, ऐसे में बाकी सेवाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए।

 
राज्यों से केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राजकोषीय घाटे को तय योजना के अनुसार कम करने के लिए कटिबद्ध है। सरकार इसे साल 2016-17 तक जीडीपी का तीन फीसदी करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। वित्त मंत्री ने राज्यों से यह भी अपील की है कि वह निवेश में तेजी लाने के लिए कदम उठाए। जिसके तहत प्रोजेक्ट्स की मंजूरी के संबंध में उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाली मंजूरी प्रक्रिया को तेज करना अहम है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed