करोड़ों के खर्चे पूरे करने के लिए सरकार यूं करती है कमाई
सरकार हर साल बजट पेश करती है, जिसमें आने वाले साल भर में होने वाले खर्चों का लेखा-जोखा होता है। लेकिन क्या कभी आपने ये सोचा है कि आखिर सरकार इन खर्चों को पूरा करने के लिए पैसे कहां से लाती है। सरकार इन खर्चों को पूरा करने के लिए टैक्स रिवेन्यू और नॉन टैक्स रिवेन्यू का इस्तेमाल करती है। आइए जानते हैं इन खर्चों के बारे में-
टैक्स रिवेन्यू- सरकार टैक्स लगाकर जो रिवेन्यू हासिल करती है, उसे टैक्स रिवेन्यू कहा जाता है। सरकार विभिन्न प्रकार के टैक्स लगाती है, ताकि वह योजनागत और गैरयोजनागत व्यय के लिए धन एकत्र कर सके। सरकार को ये कमाई कई तरीकों से होती है, जिनमें से कुछ खास स्रोत ये हैं-
- उत्पादों पर लगने वाला उत्पाद शुल्क।
- किसी वस्तु के आयात-निर्यात पर लगने वाला सीमा शुल्क।
- नौकरीपेशा लोगों की आय पर लगने वाला आयकर या इनकम टैक्स।
- कंपनियों की तरफ से मिलने वाला कॉरपोरेट टैक्स।
- किसी गिफ्ट पर लगने वाला गिफ्ट टैक्स।
- कैपिटल असेट्स की खरीद-फरोख्त से मिले फायदे पर लगने वाला कैपिटल गेन टैक्स।
- विदेश यात्रा पर लगने वाला टैक्स।
नॉन टैक्स रिवेन्यू
नॉन टैक्स रिवेन्यू वह कमाई होती है जो सरकार टैक्स के अलावा अन्य साधनों से जुटाती है। इसमें सरकारी कंपनियों के विनिवेश से हुई कमाई, सरकारी कंपनियों से मिला लाभांश और सरकार की तरफ से चलाई जा रही आर्थिक सेवाओं के बदले में मिली राशि भी शामिल होती है। ये हैं नॉन टैक्स रिवेन्यू के खास स्रोत-
- रेलवे से होने वाली कमाई।
- भारतीय रिजर्व बैंक को होने वाला अतिरिक्त मुनाफा।
- एसएआईएल, एचएमटी, बीएचईएल, एसटीसी जैसी पब्लिक कंपनियों से मिलने वाला मुनाफा।