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निवेश बढ़ाने को जल्द नीतिगत उपाय करेगी सरकार
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Fri, 14 Sep 2012 01:08 PM IST
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अर्थव्यवस्था में गिरावट को रोकने और निवेश में तेजी लाने के लिए सरकार जल्द ही नीतिगत उपायों पर निर्णय करेगी। कैबिनेट सचिव अजित सेठ ने यहां एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद कहा कि निवेश के माहौल को बढ़ावा देने के लिए जल्द कई तरह के नीतिगत उपाय किए जाएंगे। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में निगेटिव ग्रोथ का आंकड़ा आने के बाद यह बैठक बुलाई गई थी।
जुलाई में कुल औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर महज 0.1 फीसदी रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 3.7 फीसदी थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में सबसे निराशाजनक प्रदर्शन मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर का रहा। जुलाई में इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट रही। औद्योगिक सूचकांक में मैन्यूफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 75 फीसदी से अधिक है।
बैठक के बाद सेठ ने संवाददाताओं से कहा कि विकास दर और निवेश में निश्चित रूप से तेजी आएगी। भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार विकास को रफ्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में हम ग्लोबल अर्थव्यवस्था में घटित हो रही घटनाओं से नहीं बच सकते हैं।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात इन दिनों काफी मुश्किल हैं। दुनिया के कई देश तमाम चुनौतियों से जूझ रहे हैं। देश में कर संबंधी कानूनों में प्रस्तावित बदलाव के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री इस पर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार क्या सोच रही है। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर सरकार निवेशकों के अनुरूप माहौल विकसित करना चाहती है।
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जुलाई में कुल औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर महज 0.1 फीसदी रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 3.7 फीसदी थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में सबसे निराशाजनक प्रदर्शन मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर का रहा। जुलाई में इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट रही। औद्योगिक सूचकांक में मैन्यूफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 75 फीसदी से अधिक है।
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बैठक के बाद सेठ ने संवाददाताओं से कहा कि विकास दर और निवेश में निश्चित रूप से तेजी आएगी। भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार विकास को रफ्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में हम ग्लोबल अर्थव्यवस्था में घटित हो रही घटनाओं से नहीं बच सकते हैं।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात इन दिनों काफी मुश्किल हैं। दुनिया के कई देश तमाम चुनौतियों से जूझ रहे हैं। देश में कर संबंधी कानूनों में प्रस्तावित बदलाव के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री इस पर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार क्या सोच रही है। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर सरकार निवेशकों के अनुरूप माहौल विकसित करना चाहती है।