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टैक्स बचाने के कुछ तरीके जिन्हें नहीं जानते आप!

Tue, 11 Feb 2014 08:26 PM IST
Updated Tue, 11 Feb 2014 08:26 PM IST
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यदि आपने टैक्स रिटर्न नहीं भरा है, तो बतौर रिमाइंड भी नोटिस आ सकता है। ऐसे में बिना देर किये रिटर्न भरें। आयकर विभाग पिछले छह आकलन वर्ष के लिए रिटर्न नहीं जमा करने के बारे में रिमाइंडर भेज सकता है। टैक्स जमा करने में देरी पर प्रतिवर्ष 5,000 रुपये तक पेनाल्टी देनी पड़ सकती है।

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क्यों होता है सबसे ज्यादा नुकसान

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आमतौर पर 31 मार्च की तारीख करीब आते ही लोग इनकम टैक्स प्लानिंग को लेकर परेशान हो जाते हैं। आखिरी के दिनों में जागने की इस प्रवृत्ति के चलते लोगों को अकसर कई तरह के नुकसान उठाने पड़ते हैं।

ऐसे में रिटर्न दाखिल करते वक्त कई बार लोगों के पास अपने नियोक्ता या बैंक को उनके निवेश व टैक्स छूट से संबंधित कागजात नहीं होते। इसके अलावा बहुत से लोग हड़बड़ी के चलते अपनी करदेयता का ठीक-ठीक आकलन नहीं कर पाते हैं।

जल्दबाजी में टैक्स प्लानिंग करने का एक नुकसान यह होता है कि लोग आयकर कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मिलने वाली छूटों की जानकारी हासिल किए बिना केवल धारा 80 सी के तहत एक लाख रुपये की छूट तक ही सीमित रह जाते हैं।

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न्यू पेंशन स्कीम में निवेश करके बचाएं टैक्स

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बहुत बड़ी संख्या में लोग धारा 80 सीसीडी (2), 80 डी, 80 ई और 80 टीटी के तहत मिलने वाली छूट का लाभ नहीं उठा पाते। इसलिए बेहतर है कि जल्दबाजी में रिटर्न दाखिल करने के बजाय आयकर कानून की इन धाराओं के बारे में जानकारी हासिल करके इनका लाभ उठाया जाए।

इनमें धारा 80 सीसीडी (2) के अनुसार अगर कोई कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) में अपने मूल वेतन का 10 फीसदी तक जमा करता है, तो उसे इस पर आयकर में छूट मिलेगी।

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माता-पिता के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी लेकर बचाएं टैक्स

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परिवार और माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने पर धारा 80डी के तहत मिलने वाली 15,000 रुपये तक की टैक्स छूट के बारे में भी लोगों को पता नहीं होता।

अभिभावकों के वरिष्ठ नागरिक होने पर यह छूट 20,000 रुपये तक हो जाती है। इसी तरह धारा 80 ई के तहत लोन के ब्याज के भुगतान पर टैक्स छूट मिलने की जानकारी भी आमतौर पर लोगों को नहीं होती।

धारा 80टीटी के तहत बैंक बचत खाते पर मिलने वाला 10,000 रुपये तक का ब्याज करमुक्त होने की जानकारी न होने से अकसर लोग इस पर भी आयकर चुकाते हैं। डाकघर खाते पर यह सीमा 3,500 रुपये व ज्वाइंट अकाउंट में 7,000 रुपये की है।

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