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एक लाख व्यापारियों को साथ जोड़ेगा स्नैपडील
अजीत सिंह / अमर उजाला दिल्ली
Updated Wed, 16 Jul 2014 09:28 PM IST
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प्रमुख ऑनलाइन रिटेल पोर्टल स्नैपडील की नजर ऐसे लाखों व्यापारियों पर है, जो ई-कॉमर्स के जरिए अपना कारोबार फैलाना चाहते हैं।
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तीन साल के अंदर शुरुआत से सालाना 6 हजार करोड़ रुपये की बिक्री तक पहुंचे स्नैपडील की इस कामयाबी के पीछे ऐसी ही 30 हजार से ज्यादा टे्रडर्स का हाथ है। वर्ष 2010 में स्नैपडील शुरू करने वाले 32 साल के कुणाल बहल का कहना है कि इस साल एक लाख ट्रेडर्स को साथ जोड़ने का लक्ष्य है।
स्नैपडील खुद का माल बेचने के बजाय मार्केटप्लेट मॉडल के तहत दूसरे व्यापारियों को नए ग्राहकों तक पहुंचने में मदद करती है। बहल बताते हैं कि फिलहाल 30 हजार से ज्यादा ट्रेडर्स स्नैपडील के जरिए बिजनेस करते हैं और जिनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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देश में ई-कॉमर्स के बढ़ते कारोबार और स्नैपडील जैसे बिजनेस मॉडल की संभावनाओं का अंदाजा इसी से लगाता जा सकता है कि ईबे जैसा दिग्गज ई-रिटेलर भी स्नैपडील में 13.4 करोड़ डॉलर का निवेश कर चुका है।
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दो कंपनियों के अधिग्रहण की तैयारी
पिछले तीन साल में रिटेल से जुड़ी कई कंपनियों का अधिग्रहण करने के बाद स्नैपडील के सीईओ कुणाल बहल की नजर अब तकनीक से जुड़ी कंपनियों पर है। बहल ने बताया कि ऑनलाइन पेमेंट और रिटेल से जुड़ी चार कंपनियों से अधिग्रहण की बातचीत चल रही है। इनमें से दो सौदे अगले दो महीने के अंदर फाइनल हो सकते हैं। गौरतलब है कि गत मई में अजीम प्रेमजी के इंवेस्टमेंट ट्रस्ट सहित कई निवेशकों ने स्नैपडील में 10 करोड़ डॉलर का निवेश किया है।
हर 15 सेंकेड में नया प्रोडक्ट
ई-कॉमर्स की तरफ खरीदारों का रुझान बढऩे के साथ कॉम्पीटिशन भी बढ़ा है। बहल के मुताबिक, रोजाना 30 लाख से ज्यादा लोग उनके पोर्टल पर आते हैं। यही ई-कॉमर्स की ताकत है। लेकिन इन खरीदारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए औसतन हर 15 सेंकेड में नया प्रोडक्ट पेश करना पड़ता है।
ऐसा हजारों ट्रेडर्स को साथ जोडऩे से ही संभव है। स्नैपडील का पूरा बिजनेस मॉडल ऐसे की छोटे व्यापारियों, कूरियर कंपनियों और 5 हजार से ज्यादा शहर-कस्बों में फैले खरीदारों पर टिका है।
डिस्काउंट कूपन से हुई थी शुरुआत
बहल बताते हैं कि स्नैपडील की शुरुआत होटल, स्पा, रेस्त्रां जैसी सेवाओं के डिस्काउंट कूपन बेचने से हुई थी। वर्ष 2007 में आईआईटी ग्रेजुएट रोहित बंसल के साथ उन्होंने डिस्काउंट कूपन बेचने का बिजनेस शुरू किया है, जिसे बाद में स्नैपडील के नाम से ऑनलाइन कर दिया। लेकिन साल भर के भीतर स्नैपडील तमाम प्रोडक्ट बेचने लगी है। वर्ष 2013-14 में कंपनी की बिक्री 600 फीसदी की ग्रोथ के साथ 6 हजार करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है।