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स्नैप की 'चीटडील', नए के दाम में पुराना मोबाइल

Wed, 07 Jan 2015 03:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 07 Jan 2015 03:27 PM IST
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snapdeal delivers second hand phone to the person

स्नैपडील ने एक बार फिर अपनी लापरवाही दिखाते हुए एक व्यक्ति को पुराना मोबाइल फोन डिलीवर कर दिया है। हालांकि, ऑनलाइन शॉपिंग में अब ऐसी लापरवाही के कई उदाहरण देखने को मिल रहे हैं।

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टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक नई दिल्ली में रहने वाले गौतम सचदेवा ने 24 दिसंबर 2014 को एक एलजी जी2 स्मार्टफोन स्नैपडील से ऑर्डर किया था। गौतम यह फोन अपने पिता को नए साल के गिफ्ट के तौर पर देना चाहता था।
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पिता को गिफ्ट देने की गौतम की इस ख्वाहिश को स्नैपडील ने सेकेंड हैंड फोन डिलीवर करके मिट्टी में मिला दिया। गौतम का कहना है कि कंपनी हर प्रोडक्ट को 100% सही और चेक किया हुआ बताती है, लेकिन उनका फोन चेक किया हुआ भी नहीं था।
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(फोटो साभार- टाइम्स ऑफ इंडिया)

कैश ऑन डिलीवरी ने बचाए पैसे

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इस ऑर्डर के लिए कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुना गया था, जिसके कारण जैसे ही गौतम ने अपना ऑर्डर खोल कर देखा तो तुरंत सारे पैसे वापस ले लिए। बॉक्स में जो फोन था वह गौतम सचदेवा ने ऑर्डर नहीं किया था। कैश ऑन डिलीवरी होने की वजह से गौतम पैसे रिफंड मांगने के झंझट से भी बच गए।

गौतम कहते हैं कि सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि स्नैपडील ने गलत फोन डिलीवर कर दिया हो। उनका कहना है कि स्नैपडील बहुत सारे विक्रेताओं से कॉन्ट्रैक्ट करके अपने ग्राहकों के साथ धोखेबाजी कर रही है। वह सभी के प्रोडक्ट को चेक नहीं कर रही है, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्नैपडील ने भेजे लकड़ी के टुकड़े

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ये पहला मामला नहीं है जब किसी ई-कॉमर्स कंपनी ने कोई गलती की है। करीब महीने भर पहले पुणे के औंध में रहने वाले दर्शन काबरा ने स्नैपडील से आईफोन ऑर्डर किया था, लेकिन पैकेट खोलते ही मानो उनके पैरों तले जमीन ही खिसक गई। स्नैपडील ने उन्हें बॉक्स में कोई आईफोन नहीं, बल्कि लकड़ी के टुकड़े भेजे थे। दर्शन ने 7 दिसंबर को स्नैपडील से आईफोन 4एस का ऑर्डर दिया था।

ऑर्डर नंबर 3862653450 के साथ दर्शन का ऑर्डर 11 दिसंबर को उनके घर पहुंच गया, जिसे देखकर वे बहुत ही खुश हुए, लेकिन जैसे ही दर्शन ने अपना ऑर्डर खोला तो सारी खुशी हवा हो गई। हालांकि, दर्शन ने यह पैकेट अपने डिलीवरी ब्वाय के सामने ही खोला था, इसलिए उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ।

दर्शन ने दो आईफोन का ऑर्डर दिया था, जिसके लिए इन्होंने कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुना था। दोनों आईफोन की कीमत कुल मिलाकर 40,508 रुपए थी। बॉक्स में लकड़ी के टुकड़े देखते ही दर्शन ने यह बॉक्स डिलीवरी ब्वाय को वापस कर दिया।

फोन के बदले मिला साबुन

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इससे पहले मुंबई के बोरीवली में रहने वाले लक्ष्मीनारायण कृष्णमूर्ति ने स्नैपडील पर आरोप लगाया था कि उसने फोन के बदले साबुन डिलीवर कर दिया है।

कृष्णमूर्ति ने स्नैपडील से एक सैमसंग डुओस स्मार्टफोन ऑर्डर किया, लेकिन जब उन्होंने बॉक्स खोलकर देखा तो उसमें विम बार और ईंट का टुकड़ा मिला।

शुरुआत में तो स्नैपडील ने इस शिकायत का समाधान नहीं किया, लेकिन जब फेसबुक पर यह पोस्ट वायरल हुई तो 28 अक्टूबर 2014 को कंपनी ने 5-6 दिनों में उनके पैसे वापस करने का वादा किया।

लगातार तीन बार भेजा खाली बॉक्स

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एक व्यक्ति ने फ्लिपकार्ट से 24 अक्टूबर को पेनड्राइव ऑर्डर की थी, लेकिन उसे खाली बॉक्स डिलीवर कर दिया गया। जब इसकी शिकायत कंपनी को की गई तो इसके बदले सिर्फ 55 रुपए दिए गए। इस गलती को नजरअंदाज करते हुए व्यक्ति ने दोबारा से पेनड्राइव ऑर्डर की। इस बार उसकी मां ने डिलीवरी ब्वाय से ऑर्डर ले लिया और पैसे दे दिए।

आपको बता दें कि दूसरी बार भी कपंनी ने खाली बॉक्स भेजा था। जब इसकी शिकायत कंपनी को की गई तो कंपनी ने इसके खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाय उसी व्यक्ति पर पेन ड्राइव निकाल कर झूठी अफवाह फैलाने का आरोप लगा दिया।

इसके बाद व्यक्ति ने तीसरी बार पेनड्राइव ऑर्डर की और इस बार डिलीवरी ब्वाय के सामने ही पैकेट को खोलते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग की। एक बार फिर खाली पैकेट देखकर व्यक्ति हैरान रह गया और कंपनी को इसकी शिकायत करके इस वीडियो को इंटरनेट पर डाल दिया।

उसका कहना था कि वह इसके बदले किसी तरह का रिफंड नहीं मांग रहा है, वह सबको सिर्फ यह बताना चाहता है कि ऑनलाइन कंपनियां किस तरह से लोगों को बेवकूफ बना रही हैं।

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