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पूंजी जुटाने का विकल्प बना एसएमई एक्सचेंज

Sun, 28 Apr 2013 01:46 PM IST
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क Updated Sun, 28 Apr 2013 01:46 PM IST
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sme exchange is platform for raise capital

कारोबार बढ़ाने के लिए हमेशा ही छोटे कारोबारियों को पूंजी की किल्लत रहती है। ऐसे में वह बैंक के अलावा दूसरे विकल्पों पर ज्यादा निर्भर नहीं रहते हैं।

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सस्ती पूंजी जुटाने का एक बेहतरीन विकल्प एसएमई एक्सचेंज बन सकता है, जिसके जरिए कारोबारी पूंजी जुटाने के साथ-साथ बड़े स्तर पर एक्सपोजर भी पा सकते हैं।

देश में इस समय बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) प्रमुख रूप से छोटे कारोबारियों के लिए एसएमई प्लेटफार्म के रूप में एक्सचेंज मुहैया करा रहे हैं।
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छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहित करने के लिए न केवल डीआरएचपी फाइल करने में विशेष छूट मिल रही है, बल्कि उसके लिए उन्हें सलाह भी दी जा रही है।

क्या है फायदा
कारोबारियों को एसएमई एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने से न केवल पूंजी मिलती है। बल्कि इसके अलावा दूसरे भी कई फायदे मिलते हैं। जैसे कि कंपनी की पहचान और साख में बढ़ोतरी होती है। कंपनी में निवेश के लिए कहीं ज्यादा निवेशक मिलते है।
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मसलन प्राइवेट इक्विटी निवेशक या वेंचर कैपिटलिस्ट ज्यादातर शेयर बाजार की कंपनियों के प्रदर्शन के आधार पर निवेश करते हैं। एसएमई के सूचीबद्ध होने से प्राइवेट निवेशकों के विकल्प बढ़ जाते हैं।

कंपनी के शेयरों की अच्छी मांग से वैल्यूएशन में भी बढ़ोतरी होती है। कारोबारियों को अधिग्रहण और विलय के भी विकल्प उपलब्ध होते हैं। साथ ही कंपनी पर जोखिम भी कम हो जाता है।

कौन हैं पात्र
एसएमई एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने के लिए पहली पात्रता कंपनी का एसएमई वर्ग के तहत होना है। उसके बाद कंपनी की शुद्ध मूर्त संपत्ति ताजा वित्तीय परिणामों के अनुसार कम से कम एक करोड़ रुपये होनी चाहिए।


इसी तरह शुद्ध नेटवर्थ भी कम से कम एक करोड़ रुपये होनी चाहिए। इश्यू के बाद कंपनी की चुकता पूंजी भी कम से कम एक करोड़ रुपये होना जरूरी है।

कंपनी को कम से कम पिछले दो वित्त वर्ष में लाभकारी होना भी जरूरी है। साथ ही, कंपनी का कभी भी बोर्ड फॉर इंडस्ट्रियल एंड फाइनेंशियल रिकंस्ट्रक्शन (बीआईएफआर) के पास न जाना भी एक अहम शर्त है।

बिना आईपीओ लाए भी मौका

वित्त वर्ष 2013-14 के आम बजट में सरकार ने बिना आईपीओ लाए कंपनियों के सूचीबद्ध होने की घोषणा कर दी है। बजट के अनुसार छोटे और मझोले वर्ग के तहत आने वाले उपक्रम विभिन्न शर्तों के अनुसार एसएमई एक्सचेंज में बिना आईपीओ लाए भी सूचीबद्ध हो सकेंगे।

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