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एक्सपोर्ट क्रेडिट के दायरे में आ सकते हैं ज्यादा छोटे कारोबारी
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 04 Apr 2013 09:35 PM IST
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नई विदेश व्यापार नीति के तहत एक्सपोर्ट क्रेडिट की सुविधा के दायरे में ज्यादा छोटे और मझोले कारोबारी आ सकते हैं। इसके अलावा कारोबारियों के लिए निर्यात संबंधी कागजी प्रक्रिया को भी आसान बनाने की भी सरकार कवायद कर रही है।
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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के सचिव माधव लाल ने कहा कि हमारी कोशिश है कि एक्सपोर्ट क्रेडिट का लाभ मैन्यूफैक्चरिंग करने वाले ज्यादा से ज्यादा छोटे कारोबारी उठाएं। साथ ही कारोबारियों को ऐसी सुविधाएं मिले, जिससे वह बेहतर कारोबार कर सके। इस संबंध में मंत्रालय ने अपने सुझाव संबंधित विभागों को दिए हैं।
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माधव लाल ने यह जानकारी बृहस्पतिवार को एमएसएमई के लिए शुरू हुए आईपीआर (इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स) एक्सचेंज को लांच करने के दौरान दी। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अभी बहुत से छोटे मैन्यूफैक्चर्स अपने उत्पाद एक्सपोर्ट हाउस आदि को बेच देते हैं। जिससे उन्हें एक्सपोर्ट क्रेडिट का लाभ नहीं मिलता है।
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मंत्रालय की कोशिश है कि ऐसे मैन्यूफैक्चर्स एक्सपोर्ट क्रेडिट का लाभ उठा सके, जिससे उन्हें फोकस मार्केट, ड्यूटी ड्रॉ बैक जैसी योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके अलावा कई ऐसे क्षेत्र के छोटे कारोबारी है, जिनके उत्पाद लागत की अवधि लंबी होती है, ऐसे में निर्यात के लिए उनके उत्पाद, कीमत के आधार पर प्रतिस्पर्धी नहीं रह जाते हैं। मंत्रालय इस संबंध में भी नए बदलाव करने की तैयारी कर रहा है।