फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   slowness of agriculture and manufacturing halted economic boom

कृषि, मैन्यूफैक्चरिंग की सुस्ती ने रोक दी आर्थिक तेजी

Sat, 01 Dec 2012 12:19 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 01 Dec 2012 12:19 AM IST
विज्ञापन
slowness of agriculture and manufacturing halted economic boom

मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के खराब प्रदर्शन और कमजोर मानसून के चलते खरीफ सीजन में कृषि उत्पादन में आई गिरावट के चलते चालू वित्तवर्ष (2012-13) की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर, 2012) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर घटकर 5.3 फीसदी रह गई।

विज्ञापन


इसके पहले साल (2011-12) की दूसरी तिमाही में जीडीपी की विकास दर 6.7 फीसदी रही थी, जबकि चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में जीडीपी विकास दर 5.5 फीसदी रही थी। वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े अनुमान से कम है।
विज्ञापन


शुक्रवार को केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी चालू वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही के जीडीपी के पहले आरंभिक अनुमानों में यह जानकारी दी गई है। इस दौरान कृषि और सहयोगी क्षेत्र की विकास दर मात्र 1.2 फीसदी रही है, जबकि मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की विकास दर महज 0.8 फीसदी दर्ज की गई। वहीं, सेवा क्षेत्र की विकास दर 9.4 फीसदी रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन आंकड़ों के बाद एक बार फिर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पर ब्याज दरों में कमी का दबाव बढ़ जाएगा, क्योंकि सरकार की कोशिश है कि महंगाई और विकास दर के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है। पिछले दो तिमाहियों में जीडीपी के आंकड़ों को देखते हुए माना जा रहा है कि चालू वित्तवर्ष में आर्थिक विकास दर गत एक दशक में सबसे कम रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed