{"_id":"d531783a-2e7a-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"slight-decrease-in-inflation-rate","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगाई दर में थोड़ी कमी, घटकर 7.45 फीसदी","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
महंगाई दर में थोड़ी कमी, घटकर 7.45 फीसदी
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 14 Nov 2012 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महंगाई दर में अक्तूबर महीने के दौरान थोड़ी कमी आई है। अक्तूबर में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर घटकर 7.45 फीसदी पर आ गई, जो सितंबर में 7.81 फीसदी रही थी। हालांकि इस दौरान भी खाने की प्रमुख वस्तुएं चावल, गेहूं, दाल, आलू की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में आंकड़ों में महंगाई जरूर थोड़ी कम हुई है, लेकिन आम आदमी को इसकी राहत नहीं मिली है। पिछले साल अक्तूबर के महीने में महंगाई दर 9.87 फीसदी रही थी।
विज्ञापन
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से 18 दिसंबर को पेश होने वाली मध्य तिमाही समीक्षा में प्रमुख दरों को घटाना काफी मुश्किल है। आरबीआई महंगाई सात फीसदी से कम आने पर ही ब्याज दरों में कमी कर सकता है।
विज्ञापन
अर्थशास्त्री कमल नयन काबरा के अनुसार, 1993-94 के मुकाबले आज आम आदमी की क्रय शक्ति काफी कम हो गई है। जो चीज उस समय 16 पैसे में मिलती थी, वह अब एक रुपये में मिल रही है। भारत की महंगाई दर बचत दर से ज्यादा है। ऐसे में थोड़ी बहुत कमी से इसका आम आदमी पर कोई सकारात्मक असर नहीं पड़ता है।
विज्ञापन
सरकार के लिए राहत की बात यह है कि अगस्त में महंगाई दर जो 8.0 फीसदी थी, वह सितंबर में 7.81 फीसदी और अब अक्तूबर में 7.45 फीसदी पर आ गई है। अक्तूबर की महंगाई दर पिछले आठ महीने में अभी तक के सबसे कम स्तर पर है। ऐसे में यदि महंगाई दर में कमी लगातार आती रही तो रिजर्व बैंक के लिए नए साल में ब्याज दरों में कमी करना आसान हो सकता है।