बजट: मोदी ने अल्पसंख्यक पर लगाया दांव
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आम बजट में मोदी सरकार ने कौशल विकास और मदरसों के आधुनिकीकरण के सहारे अल्पसंख्यकों में पैठ बनाने की योजना बनाई है।
बृहस्पतिवार को पेश किए गए आम बजट में वित्त मंत्री ने अल्पसंख्यक समुदाय के कौशल विकास के लिए कला, कला, संसाधन और वस्तुओं में परंपरागत कौशल का उन्नयन नाम की योजना शुरू करने की घोषणा की है।
इसके अलावा मदरसों के विकास के लिए नई सरकार ने 100 करोड़ का बजटीय प्रावधान तय किया है। बता दें कि आम चुनाव के दौरान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अल्पसंख्यक समुदाय को एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कंप्यूटर देने का वादा किया था।
मदरसों आधुनिकीकरण के लिए 100 करोड़
कौशल विकास के लिए जहां सरकार की योजना अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के परंपरागत कौशल को प्रशिक्षण के जरिए और बेहतर करने की है, वहीं मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए उसकी योजना कंप्यूटर शिक्षा शुरू करने की है।
दरअसल अल्पसंख्यक खास कर मुसलिम समुदाय में 60 फीसदी आबादी ऐसे लोगों की है, जो पीढ़ीगत अनुभव के आधार पर कौशल का कार्य करते हैं। नई सरकार ने इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए इस समुदाय के लोगों का प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल का विकास करने की योजना बनाई है।
सरकार के रणनीतिकारों का मानना है कि कौशल विकास के कारण इस समुदाय केलोगों की आमदनी बढ़ेगी और इस कारण यह समुदाय नई सरकार के प्रति आकर्षित होगा।
सरकार ने इस समुदाय के युवाओं में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए मदरसों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू करने की योजना बनाई है। अल्पसंख्यक मंत्रालय ने कंप्यूटर शिक्षा और कौशल विकास की योजना से पहले ही प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को अवगत कराया था।