{"_id":"c949076a-ca09-11e2-9e8a-d4ae52bc57c2","slug":"sidbi-schemes","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई तकनीक के लिए मिलता है सिडबी से सहयोग","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
नई तकनीक के लिए मिलता है सिडबी से सहयोग
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 31 May 2013 09:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऐसे कई लोग हैं जो कि नई तकनीक का ईजाद कारोबारी जरूरत के लिए करते हैं या फिर उस दिशा में काम करते हैं। पर पर्याप्त पूंजी न होने की वजह से वह उसे कारोबारी शक्ल नहीं दे पाते हैं।
विज्ञापन
ऐसे लोगों के लिए छोटे और मझोले उपक्रमों के रूप में कारोबार शुरू करने में सिडबी से सहायता मिलती है। जिसमें सिडबी पूंजी सहायता के साथ-साथ जरूरी तकनीकी सहयोग भी मुहैया कराता है।
विज्ञापन
इसके लिए विज्ञान और तकनीकी विभाग के जरिए टेक्नोलॉजी इनफॉर्मेशन, फोरकास्टिंग एंड असेसमेंट काउंसिल का गठन किया गया है, जो कि ‘सृजन’ नाम से कार्यक्रम चला रहा है।
विज्ञापन
क्या है योजना
सृजन के तहत कारोबारी जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाली नई तकनीक के ईजाद को प्रोत्साहन दिया जाता है। योजना के जरिए नई और बेहतर तकनीकी को विकसित करने में वित्तीय मदद दी जाती है। जिसके जरिए तकनीकी को ईजाद करने वाला नया कारोबार, या फिर मौजूदा कारोबार को बेहतर कर सकता है।
क्या मिलती है सहायता
योजना के तहत तकनीक के साथ-साथ नया उत्पाद बनाने पर प्रोजेक्ट के लिए एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलती है। हालांकि, कर्ज की राशि प्रोजेक्ट की लागत का 80 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती है।
जिसके लिए कर्ज सस्ते दर पर मिलता है। ब्याज दर तय करने का अधिकार प्रोजेक्ट अप्रूवल कमेटी के पास होता है।
सभी प्रस्तावों के तकनीकी मूल्यांकन के लिए टेक्नोलॉजी इनफॉर्मेशन, फोरकास्टिंग एंड असेसमेंट काउंसिल की मंजूरी के लिए भेजा जाता है।
साथ ही प्रोजेक्ट की लागत के मूल्यांकन की जिम्मेदारी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के पास होती है।
कैसे करें आवेदन
सृजन योजना में भागीदार बनने के लिए सिडबी की वेबसाइट या कार्यालय से आवेदन कि या जा सकता है। इसके लिए आवेदन पत्र का प्रारूप वेबसाइट या कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
प्रोजेक्ट के लिए अधिकतम 6 साल के लिए कर्ज मिलता है। ऐसे में यह जरूरी है कि प्रोजेक्ट के बारे में सही मूल्यांकन कर ही आवेदन करें।