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सही आमदनी दिखाएं, नहीं तो होगी कार्रवाई
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Dec 2012 10:07 PM IST
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कर चोरों को कड़ी चेतावनी देते हुए सरकार ने कहा है कि करदाता अपनी वास्तविक आमदनी का खुलासा करें और 15 दिसंबर तक एडवांस कर का भुगतान करें। अन्यथा, कार्रवाई के लिए तैयार रहें। राजस्व सचिव सुमित बोस ने कहा कि सरकार ने सभी करदाताओं से अपनी सही आमदनी दिखाने की अपील की है।
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उन्होंने कहा कि वास्तविक आमदनी छिपाने या बकाया आयकर का भुगतान नहीं करने का कोई लाभ नहीं है। करदाता द्वारा एडवांस कर दाखिल करने में सही तथ्य छिपाने पर अफसोस जताते हुए उन्होंने कहा कि देर-सबेर सूचनाएं आयकर विभाग को उपलब्ध हो जाएंगी और विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा।
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बोस ने कहा कि आकलन वर्ष 2012-13 के दौरान केवल 14.62 लाख करदाताओं (पेशेवर और कंपनियों सहित) ने अपनी कर योग्य आमदनी 10 लाख रुपये से अधिक घोषित की है। कोई भी सामान्य आदमी इस बात से सहमत होगा कि यह आंकड़े वास्तविकता से परे हैं। अप्रैल से अक्तूबर के दौरान प्रत्यक्ष कर संग्रह 3.02 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। इस वित्त वर्ष में सरकार ने 5.70 लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष कर संग्रह का अनुमान लगाया है। प्रत्यक्ष कर संग्रह में आयकर, कॉरपोरेट कर और संपत्ति कर शामिल हैं।
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बोस ने कहा कि आयकर विभाग के मुताबिक 33.83 लाख लोगों के बचत बैंक खाते में 10 लाख या इससे अधिक नकद जमा हैं। 16 लाख लोगों ने अपने क्रेडिट कार्ड से दो लाख या इससे अधिक का भुगतान किया है। 11.91 लाख लोग ऐेसे हैं, जिन्होंने 30 लाख रुपये या इससे अधिक की रिहायशी संपत्ति खरीदी या बेची है। उन्होंने कहा कि जिन करदाताओं ने अभी तक सही एडवांस कर नहीं भरा है, वह 15 दिसंबर तक इसका भुगतान कर दें।
वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद ही वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कराधान और कर प्रशासन के संबंध में बयान जारी किया था, जिसमें उन्होंने कर कानूनों में स्पष्टता और पारदर्शिता लाने, प्रशासनिक स्तर पर सुधार करने, विवादास्पद मामलों के लिए निष्पक्ष तंत्र विकसित करने आदि की बात कही थी।