फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   Seven states have 40 percent plus population,whose living in below poverty line

सात राज्यों की 40 फीसदी से ज्यादा आबादी गरीब

Mon, 07 Jul 2014 09:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला दिल्ली।
ब्यूरो/अमर उजाला दिल्ली। Updated Mon, 07 Jul 2014 09:20 PM IST
विज्ञापन
Seven states have 40 percent plus population,whose living in below poverty line

देश में गरीबी रेखा के लिए तय किए गए नए फार्मूले के अनुसार देश के आठ ऐसे राज्य हैं, जहां की 40 फीसदी आबादी गरीब है।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व चैयरमैन सी.रंगराजन की अध्यक्षता में गठित समिति के अनुसार उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, असम, मणिपुर ऐसे राज्य हैं जहां की 40 फीसदी से लेकर 48 फीसदी तक आबादी गरीब है।
विज्ञापन


रंगराजन की रिपोर्ट के मुताबिक देश में ग्रामीण क्षेत्रों में 32 रुपये और शहरों में 47 रुपये रोज से कम कमाने वाला गरीब है। इसके पहले जून 2013 में तेंदुलकर समिति ने ग्रामीण क्षेत्रों में 27 रुपये और शहरी क्षेत्रो में 33 रुपये से ज्यादा कमाने वाले को गरीब नहीं माना था। जिस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध होने के बाद तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने रंगराजन समिति का गठन किया था। जिसने साल 2011-12 के आधार पर अपनी रिपोर्ट पेश की है।

विज्ञापन
विज्ञापन


कुल आबादी में सबसे ज्यादा गरीब छत्तीसगढ़ राज्य में है। वहां की 1.24 करोड़ यानी 47.9 फीसदी आबादी गरीब है। इसके बाद मणिपुर की 46.7 फीसदी आबादी गरीब है।


उड़ीसा में कुल आबादी में से 45.9 फीसदी लोग गरीब है। मध्य प्रदेश में 44.3 फीसदी यानी 3.27 करोड़ लोग गरीब हैं। इसी तरह बिहार में 41.3 फीसदी यानी 4.38 करोड़ लोग गरीब हैं। झारखंड में 42.4 फीसदी, असम में 40.9 फीसदी आबादी गरीब है।

संख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा गरीब

रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश की 39.8 फीसदी आबादी गरीब है। वहीं अगर संख्या के आधार पर देखा जाय, तो देश में सबसे ज्यादा गरीब उत्तर प्रदेश में रहते हैं।

उत्तर प्रदेश में 8.09 करोड़ लोग गरीब हैं। वहीं बिहार में 4.38 करोड़, मध्यप्रदेश में 3.27 करोड़ लोग गरीब है। रिपोर्ट के अनुसार साल 2009 की तुलना में 2011-12 में गरीबों की संख्या में 8 फीसदी कमी आई है। पूरे देश के आधार पर देश में 36.29 करोड़ यानी 29.5 फीसदी आबादी गरीबी में जीवन जी रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed