सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 6 माह के न्यूनतम स्तर पर
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वैश्विक मंदी का मुकाबला करने में जिस सेवा क्षेत्र पर सरकार को सबसे ज्यादा भरोसा है, उस पर भी इसकी मार दिखने लगी है। गत अक्टूबर में देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर पिछले छह माह के दौरान सबसे कम रही है। हालांकि, पिछले एक साल में देश का सेवा क्षेत्र बढ़ा है लेकिन इसमें वृद्धि की रफ्तार मंद पड़ती जा रही है। एचएसबीसी के सेवा खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) के मुताबिक, अक्टूबर में सेवा क्षेत्र का इंडेक्स गिरकर 53.80 पर आ गया जबकि सितंबर में यह 55.80 था। सेवा और विनिर्माण दोनों क्षेत्र का संयुक्त सूचकांक भी सितंबर के मुकाबले गिरा है।
सोमवार को जारी एचएसबीसी के सर्वे के अनुसार, अमेरिका और यूरोप में मंदी का असर भारतीय कंपनियों को मिलने वाले आर्डर पर पड़ा और अपेक्षाकृत कम लोगों को भर्ती किया गया। एचएसबीसी के भारत में मुख्य अर्थशास्त्री लीफ एसकेसेन का कहना है कि अक्टूबर के दौरान सेवा क्षेत्र में सुस्त रही है लेकिन विस्तार वाले क्षेत्रों में मजबूती बनी हुई है। नए ऑर्डर मिलने की रफ्तार थोड़ी कम हुई है और कंपनियों ने अपेक्षाकृत कम लोगों को भर्ती किया है।
अक्टूबर का महीना नौकरियों के लिहाज से बहुत अच्छा नहीं रहा है। अक्टूबर में रोजगार के नए मौके पैदा होने की रफ्तार पिछले तीन महीनों में सबसे कम रही है। सर्वे में यह भी सामने आया है कि ऊंची मुद्रास्फीति के चलते अक्टूबर में विभिन्न सेवाओं का मूल्य तेजी से बढ़ा है। लेकिन अच्छी बात यह है कि मंद वृद्धि के बावजूद सेवा क्षेत्र का पीएमआई इंडेक्स 50 से ऊपर बना हुआ है। इससे जाहिर होता है कि देश का सेवा क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है।