सात सालों में सबसे बड़ी गिरावट, शेयर बाजार में मचा हाहाकार
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देश के शेयर बाजारों में मंदी की आशंका के बीच पिछले सात सालों में सबसे भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1624.51 अंकों की गिरावट के साथ 25,741.56 अंकों पर लुढ़क गया है, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 490.95 अंकों की गिरावट के साथ 7809 के स्तर पर पहुंच गया है।
सेंसेक्स में आज की गिरावट 24 अक्तूबर 2008 के बाद की सबसे बड़ी है। इस गिरावट के बाद निवेशकों के 7 लाख करोड़ से ज्यादा स्वाहा हो गये।
बाजार में भारी गिरावट के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि निवेशकों को घबराने की जरुरत नहीं है,बाजार जल्द संभल जाएंगे। उधर आरबीआई गर्वनर को भी सामने आना पड़ा, उन्होंने कहा कि विदेशी बाजार से मजबूत हैं भारतीय बाजार।
शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में आई भारी गिरावट और फिर आज एशियाई बाजारों में मचे हाहाकार के बाद घरेलू बाजारों में भी कोहराम मचा है।
इससे पूर्व बाजार खुलते ही 1070 अंक लुढ़ककर 26295.59 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 329.95 अंक 7970 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
एक डॉलर कीमत 66 रुपए 47 पैसे पहुंच गयी है। बीएसई के सभी सेक्टर में जमकर बिकवाली दिख रही है।
छोटे निवेशक रहें दूर
रियल्टी, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आई है। बीएसई के रियल्टी इंडेक्स में 4.9 फीसदी और ऑटो इंडेक्स में 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बैंक निफ्टी 3.8 फीसदी लुढ़ककर 17,400 के नीचे आ गया है।
बाजार में कारोबार के इस दौरान यस बैंक, वेदांता, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, टाटा मोटर्स, गेल और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में 6.8-4.75 फीसदी तक की कमजोरी आई है। मिडकैप शेयरों में वक्रांगी, ओसीएल इंडिया, एसकेएस माइक्रोफाइनेंस, हेक्सावेयर और केईसी इंटरनेशनल सबसे ज्यादा 15.2-7.8 फीसदी तक लुढ़के हैं।
बाजार जानकारों का मानना है कि इस उथल-पुथल से छोटे निवेशकों को दूर रहना चाहिए। वहीं लंबे समय के लिए निवेश कर रहे निवेशकों के लिए अच्छा मौका है।