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वरिष्ठ नागरिकों को बजट में मिल सकती है राहत

Tue, 15 Jan 2013 09:45 PM IST
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव Updated Tue, 15 Jan 2013 09:45 PM IST
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senior citizens can get budget relief

घर के बदले कर्ज लेने वाले वरिष्ठ नागरिकों को आयकर में छूट मिल सकती है। आगामी बजट में सरकार रिवर्स मार्गज स्कीम के बदले होने वाली आय को आयकर के दायरे से बाहर रखने पर विचार कर रही है। रिवर्स मार्गज स्कीम में वरिष्ठ नागरिकों को अपने घर के बदले बैंक से कर्ज मिलता है। जिस राशि को वह अपने बुढ़ापे के लिए किस्त के आधार पर प्राप्त कर सकते हैं। यानी बैंक द्वारा तय घर की कीमत पर मिले कर्ज की राशि को प्रति माह, तिमाही, छमाही या वार्षिक आधार पर एक निश्चित अवधि तक प्राप्त किया जा सकता है। जिसे किसी भी समय उपभोक्ता या उसके उत्तराधिकारी चुका सकते हैं।

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सूत्रों के अनुसार देश के प्रमुख बैंकों ने इस संबंध में वित्त मंत्रालय के पास प्रस्ताव रखा है। जिसके तहत कहा गया है कि रिवर्स मार्गज स्कीम वरिष्ठ नागरिकों के लिए काफी फायदेमंद है। इसके बावजूद यह उम्मीद के मुताबिक लोकप्रिय नहीं हो पाई है। इसकी एक प्रमुख वजह यह है कि स्कीम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को घर के बदले मिलने वाली राशि को आयकर कानून के तहत आय के रुप में माना जाता है।
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बैंकों के अनुसार इस राशि को उपभोक्ता अपने घर के बदले किश्त के रुप में प्राप्त करता है। साथ ही उसमें कर्ज को चुकाने का भी प्रावधान है। जिसे देखते हुए इसे आय नहीं माना जाना चाहिए। वित्त मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस संबंध में आई प्रस्तावों और स्कीम को प्रोत्साहित करने के लिए आगामी बजट में इसे आयकर के दायरे से बाहर रखा जा सकता है।
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रिवर्स मार्गज स्कीम 60 साल या उससे ज्यादा की उम्र वाले नागरिकों के लिए होती है। जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को बुढ़ापे के लिए अपने घर के एवज में किस्त के आधार पर राशि मिलती है। साथ ही कर्ज लेने वाले ग्राहक को अपने जीवन काल तक घर भी नहीं छोड़ना होता है। यही नहीं उसके जीवन साथी के जीवित रहने तक भी यह राशि किस्त के रुप में मिलती रहती है।


बैंक इसके तहत घर की मौजूदा कीमत का 80 फीसदी तक प्रमुख रुप से कर्ज के रुप में देते हैं। जिसमें ब्याज की राशि भी शामिल की जाती है। जिस कर्ज को ग्राहक खुद या उसके उत्तराधिकारी किसी भी समय पर चुका सकते हैं। यह कर्ज अधिकतम 20 साल की अवधि के लिए प्रमुख रुप से मिलता है।

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