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रुपये को थामने सेबी भी आया आरबीआई के साथ
मुंबई/एजेंसी
Updated Tue, 09 Jul 2013 11:46 PM IST
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रुपये की गिरावट को थामने के लिए सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रयासों को मजबूती देने के लिए बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने भी इस ओर कदम बढ़ाते हुए मुद्रा कारोबार पर लगाम कसने के उपाय किए हैं।
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इसके तहत सेबी ने मुद्रा कारोबार (करेंसी डेरिवेटिव्स) के मार्जिन, ग्राहकों के लिए पोजीशन लिमिट और गैर बैंकिंग मुद्रा कारोबार के लिए पोजीशन लिमिट पर अंकुश लगाया है।
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उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक और सेबी की पहल के बाद रुपये में 47 पैसे की रिकवरी हुई और यह डॉलर के मुकाबले 60.14 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
सेबी की ओर से यह कदम रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों द्वारा मुद्रा के वायदा एवं विकल्प (फ्यूचर एंड ऑप्शन) कारोबार पर प्रतिबंध लगाने के बाद उठाया गया है।
इससे पहले आरबीआई ने रुपये को सहारा देने के लिए सोमवार को भी अप्रत्यक्ष रूप से दखल देते हुए सरकारी बैंकों के जरिए डॉलर की बिक्री कराई थी और देश में डॉलर की सबसे बड़ी खरीदार सरकारी तेल कंपनियों के आला अधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक करने की बात कही थी।
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सेबी ने इस संबंध में जारी अपने सर्कुलर में कहा है कि रुपये में जारी अस्थिरता को देखते हुए आरबीआई के साथ विचार-विमर्श के बाद वह करेंसी डेरिवेटिव कारोबार से जुड़ी पोजिशन लिमिट और मार्जिन संबंधी सीमाओं में बदलाव कर रहा है।
इसके तहत सेबी ने करेंसी डेरिवेटिव कारोबार के लिए सौदों के लिए मार्जिन को रुपये-डॉलर की मौजूदा विनिमय दर के आधार पर दोगुना कर दिया है। इसके अलावा नॉन बैंकिंग मुद्रा कारोबारियों (ब्रोकरों) के लिए निवेश की सीमा 15 फीसदी या पांच करोड़ डॉलर कर दिया हे।
इसके अलावा सेबी ने ग्राहकों के लिये यह सीमा (पोजीशन लिमिट) को छह फीसदी अथवा एक करोड़ डॉलर में से जो भी कम हो, तय किया है। सेबी ने बताया कि मुद्रा कारोबार से जुड़े यह नए मानदंड 11 जुलाई से प्रभावी होंगे।
माना जा रहा है कि डॉलर और रुपये की विनिमय दरों में जारी जबरदस्त उतार-चढ़ाव पर अंकुश लगाने में सेबी की ओर से उठाया गया यह कदम रुपये की गिरावट से चिंतित आरबीआई और सरकार के लिए खासा मददगार साबित हो सकता है।