सेबी ने कसा कंपनियों पर शिंकजा

अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 19 Nov 2013 01:32 PM IST
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बाजार नियामक सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों के डिस्क्लोजर नियमों को सख्त बनाते हुए शेयर बाजारों से कहा है कि वह नियमों का पालन कराने के लिए मजबूत तंत्र विकसित करें। साथ ही इनकी पर्याप्त और उचित निगरानी के लिए अलग से सेल बनाएं। सेबी ने कंपनियों के अनिवार्य डिस्क्लोजर नियमों में बड़े पैमाने पर विसंगतियों के मामले सामने आने के बाद नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
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सेबी के नए निर्देशों के मुताबिक कंपनियों को डिस्क्लोजर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जवाबदेह प्रोमोटरों, निदेशकों या प्रबंधन के प्रमुख व्यक्ति का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराना होगा, वहीं सेबी ने शेयर बाजारों से कहा है कि डिफाल्ट होने की स्थिति में वह इन जानकारियों को अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करे।

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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा है कि नए नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए शेयर बाजार अलग से मॉनिटरिंग सेल बनाएं।

नियामक ने शेयर बाजारों से सूचीबद्ध कंपनियों के बारे में प्रिंट या मॉस मीडिया में प्रकाशित हो रही सूचनाओं से हमेशा अपने को अपडेट रहने के लिए भी कहा है। शेयर बाजार सूचीबद्ध कंपनियों का प्राथमिक तौर पर नियमन करते हैं।

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सेबी के निर्देशों के मुताबिक शेयर बाजार डिस्क्लोजर नियमों पर बारीकी से नजर रखेंगे और कंपनियां कोई महत्वपूर्ण सूचना छुपा न लें, यह सुनिश्चित करेंगे। आमतौर पर यह देखा गया है कि प्रमुख कारोबारी सूचनाएं सबसे पहले मीडिया में आती हैं और उसके बाद कंपनियों की फाइलिंग में आती हैं।

कॉरपोरेट डिस्क्लोजर पर विस्तृत दिशानिर्देश जारी करते हुए सेबी ने कहा कि शेयर बाजार नियमों का पालन नहीं होने के मामले में जिम्मेदार कंपनियों पर जुर्माना लगाने सहित उचित कार्रवाई कर सकेंगे।

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सेबी ने कहा कि सूचीबद्ध कंपनियों के डिस्क्लोजर नियमों को लेकर यह चिंताएं जताई गईं कि कंपनियों द्वारा डिस्क्लोजर की भाषा अपर्याप्त और सही नहीं है। इसलिए इन डिस्क्लोजरों के आधार पर निवेश संबंधी फैसले लेने में सक्षम नहीं है।

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सूचीबद्ध कंपनियों को शेयर बाजार के साथ लिस्टिंग समझौते के तहत तय समय सीमा में डिस्क्लोजर नियम जमा कराने पड़ते हैं।
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