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सेबी ने निपटारे के 149 आवेदन खारिज किए
मुंबई/एजेंसी
Updated Fri, 04 Jan 2013 11:34 PM IST
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बाजार नियामक सेबी ने कई कंपनियों द्वारा शेयर बाजार में गड़बड़ियां करने के अलग-अलग मामलों का कुछ जुर्माना चुकाकर आपसी सहमति से निपटारा करने (कांसेंट ऑर्डर) के 149 आवेदन खारिज कर दिए हैं। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की 16 अर्जियां भी शामिल थीं। कांसेंट ऑर्डर के जरिए कंपनियां बाजार में अनियमितता करने के मामलों का कुल जुर्माना चुकाकर निपटारा कर देती हैं। सेबी ने कहा है कि इन मामलों का केवल कुछ जुर्माना लगाकर निपटारा नहीं किया जा सकता है।
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जिन फर्मों के आवेदन खारिज हुए हैं, उनमें ब्रोकरेज फर्म इंडिया इंफोलाइन और एचएसबीसी इनवेस्ट डायरेक्ट सिक्यूरिटीज और उसकी इकाइयां भी शामिल है। इन्होंने बैंक ऑफ राजस्थान से जुड़े एक मामले के निपटारे के लिए आवेदन किया था। सेबी की इस व्यवस्था के तहत यदि कंपनियां कुछ निश्चित शुल्क चुकाकर और बाजार से कमाए गए धन को लौटाने को तैयार हो जाती हैं तथा नियामक उसे स्वीकृति योग्य पाता हो, तो उन मामलों का कांसेंट ऑर्डर के साथ निपटारा किया जा सकता है।
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हालांकि, मई 2012 में सेबी ने ऐसे मामलों के निपटारे के दिशानिर्देश पहले से सख्त कर दिए हैं, जिसके तहत इनसाइडर ट्रेडिंग सहित कई मामलों का निपटारा अब कांसेंट ऑर्डर के जरिए नहीं निपटाया जा सकता है। अपनी रिपोर्ट में सेबी ने कहा है कि 149 मामलों के निपटारे के मिले आवेदन इसलिए खारिज कर दिए गए, क्योंकि वह संशोधित दिशानिर्देश के अंतर्गत इसके योग्य नहीं थे। आगे इन मामलों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई जारी रहेगी।
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