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'गरीबों को नहीं समझने वाली सेबी है अमीरों की संस्था'

Fri, 05 Apr 2013 12:18 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 05 Apr 2013 12:18 PM IST
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sebi is rich men regulator not understand poor investors says sahara

निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपये लौटाने के मसले पर सहारा ग्रुप और सेबी के बीच ठन गई है। सहारा का कहना है कि सेबी 'अमीरों द्वारा संचालित संस्था है जो गरीब निवेशकों का ध्यान नहीं रखती है'।

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सहारा का कहना है कि करोड़ों निवेशकों ने सहारा इंडिया रीयल इस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन में 3.07 करोड़ लोगों की पूंजी लगा रखी है।
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सहारा का कहना है कि 1.33 करोड़ निवेशकों का फंड 5,000 रुपये, 88 लाख लोगों का 10,000 रुपये, 42 लाख लोगों का 15,000 रुपये और 36 लाख निवेशकों का 20,000 है।
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सहारा का दावा है कि सेबी की दलील से उलट करीब 90 फीसदी ग्राहक कंपनी से संतुष्ट हैं।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को सेबी प्रमुख यूके सिन्हा ने सहारा का नाम लिए बिना एक सेमिनार में कहा था कि एक कंपनी 20,000 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाने की बात कह रही है। इसमें भी 90 फीसदी निवेशकों को नकद रकम लौटाई गई है। पता नहीं इस कहानी में कितना दम है।


सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त में सहारा समूह की दो कंपनियों (सहारा इंडिया रीयल इस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन) को निवेशकों से जुटाई गई 24,029 करोड़ रुपये की राशि ब्याज सहित लौटाने का आदेश जारी किया था।

दोनों कंपनियों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ तीन माह में निवेशकों को धन वापस करने को कहा गया था।

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