{"_id":"b99146c44cb1f7773d5930379ac6af33","slug":"sebi-gets-more-powers-can-seek-old-case-details-from-peers","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब तलाशी, गिरफ्तारी व जब्ती का आदेश दे सकेगा सेबी","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
अब तलाशी, गिरफ्तारी व जब्ती का आदेश दे सकेगा सेबी
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Mon, 22 Jul 2013 08:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोंजी स्कीमों पर नकेल और पूंजी बाजार में होने वाले फर्जीबाड़ों से निपटने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को मिले नए अधिकारों की तहत वह अब संदिग्ध मामलों में जानकारी हासिल करने के लिए ताले खोल व तोड़ सकेगा।
विज्ञापन
इसके अलावा बाजार नियामक ऐसे मामलों में भवनों, वाहनों, जलयान और हवाई जहाजों आदि की तलाशी भी ले सकेगा।
नए अधिकारों के तहत सेबी अब डिफाल्टरों की गिरफ़्तारी, हिरासत, तलाशी (सर्च), जब्ती (सीजर), प्रॉपर्टी अटैच करने के लिए आदेश भी जारी कर सकेगा।
इसके अलावा वह गलत ढंग से की गई कमाई को रिकवर करवाने में भी सक्षम होगा। इसके अलावा सरकार को अब सेबी को देश और विदेश के अन्य नियामकों और विभागों से जानकारी मांगने की अनुमति भी देनी होगी।
विज्ञापन
इसके तहत सेबी अब से लेकर 15 वर्ष से लंबित पड़े के बारे में पड़ताल कर सकेगा। इसके अलावा की जांच के तहत विभिन्न व्यक्तियों व कंपनियों के खिलाफ पहले से लंबित पड़े मामलों को का निपटारा करने का अधिकार भी बाजार नियामक को हाल ही में राष्ट्रपति की मंजूरी वाले नए कानून के तहत दिया गया है।
विज्ञापन
इसके तहत छह वर्तमान में लंबित मामलों से लेकर छह साल से अधिक के लंबित मामलों को रखा गया है।
पोंजी व कलेक्टिव इनवेस्टमेंट स्कीमों (सीआईएस) पर लगाम के लिए ऐसी सभी स्कीमों को लाया गया है जिसमें निवेशकों से सीधे तौर पर 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की रकम जुटाई गई हो।