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सेबी ने अवैध ऊंचे रिटर्न वाली योजनाओं से किया आगाह
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 18 Dec 2014 09:22 AM IST
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बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का वायदा कर अवैध तरीके से पैसे जुटाने वाली कंपनियों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में निवेश करने के प्रति आगाह किया है।
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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) का कहना है कि इस तरह की कंपनियां बिना आवश्यक मान्यता या नियामकीय मंजूरी के संचयी परिवर्तनीय वरीय शेयर (सीसीपीएस) और संचयी प्रतिदेय वरीय शेयर (सीआरपीएस) का निर्गम भी जारी कर रही हैं।
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सेबी ने यह ताजा चेतावनी ऐसे समय में जारी की है, जबकि विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में निवेशक इस तरह की गैर विनियमित योजनाओं में फंसे हैं और इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है।
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सेबी को मिले नए अधिकारों के तहत उसके पास अब प्रतिभूतियों के सभी सार्वजनिक निर्गमों के अलावा 100 करोड़ रुपये से अधिक की गैर विनियमित पूंजी जुटाने वाली योजनाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है।
बाजार नियामक का कहना है कि सेबी के संज्ञान में यह आया है कि कुछ कंपनियां विभिन्न तरह की योजनाओं या व्यवस्थाओं के जरिए ऊंचे रिटर्न का झूठा वायदा कर लोगों से अवैध रूप से पैसे जुटा रही हैं। यह योजनाएं कोऑपरेटिव सोसायटियों द्वारा पेश की जा रही हैं। कंपनीज एक्ट के तहत निधि या म्यूचुअल बेनिफिट सोसायटीज के रूप में घोषित कंपनियां या एनबीएफसी द्वारा जमा लिए जा रहे हैं।
इसके अलावा, कर्मचारी भविष्य निधि कानून या चिट फंड अधिनियम के तहत संचालित पेंशन या बीमा योजनाओं के जरिए जमा लिए जा रहे हैं। ये सभी सेबी के न्यायाधिकरण से बाहर हैं क्योंकि इनका नियमन अन्य दूसरे नियामक या कानून के जरिए किया जाता है। सेबी ने निवेशकों से कहा है कि वह इस तरह की किसी भी योजना में निवेश न करें। सेबी इन कंपनियों या इकाइयों द्वारा पैसे के भुगतान की गारंटी नहीं देता है।