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रेटिंग एजेंसियों और नियामकों पर कंपनियां न उठाएं उंगली

Wed, 17 Oct 2012 07:41 PM IST
मुंबई/एजेंसी
मुंबई/एजेंसी Updated Wed, 17 Oct 2012 07:41 PM IST
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sebi asks India Inc not to drag rating agencies to courts
पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कॉरपोरेट क्षेत्र को बाजार नियमों का सख्ती से पालन करने और नियामकों और रेटिंग एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर बेवजह टीका-टिप्पणी से परहेज करने की हिदायत दी है।
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सेबी अध्यक्ष यूके सिन्हा ने कहा कि कंपनियों को मैं यह साफ संदेश देना चाहता हूं कि यदि वह कारोबार के लिए बाजार से पूंजी जुटाती है, तो उन्हें बाजार के नियमों का पालन भी करना होगा। मेरा यह मानना है कि सभी कंपनियां यह अच्छी तरह समझती हैं कि यदि सेबी किसी उद्योग विशेष या पूंजी बाजार की किसी व्यवस्था का नियमन कर रही है, तो उस पर उसका पूरा नियंत्रण होता है। ऐसे में उसके कामकाज पर सवाल उठाने के बजाय नियमों का पूरा पालन किया जाना चाहिए।
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सिन्हा का यह बयान रेटिंग एजेंसियों के साथ कल मंगलवार को उनकी मुलाकात के बाद आया है। समझा जाता है कि इस मुलाकात में रेटिंग एजेंसियों ने सेबी से इस बात की शिकायत की है कि कुछ कंपनियां उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दे रही हैं, जिसके कारण उन्हें अपना काम करने में कठिनाई हो रही है।
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रेटिंग एजेंसियों ने यह भी कहा है कि खुद कंपनियां उनके पास अपनी साख निर्धारण के लिए आती हैं और बाद में रेटिंग उनके मन मुताबिक नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी देती हैं। ऐसे में जितनी फीस रेटिंग निर्धारण से मिलती है, उसका एक बड़ा हिस्सा कानूनी विवाद को निबटाने में खर्च हो जाता है।


इस सवाल पर कि क्या सेबी इस सबंध में कोई नया दिशा-निर्देश जारी करने जा रही है, सिन्हा ने कहा कि इस संबंध में पहले से ही कई दिशा निर्देश तय किए गए हैं, लेकिन यदि जरूरत पड़ी, तो इनमें संशोधन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में सबसे पहले रेटिंग एजेंसियों को बाजार नियामक के दायरे में लाया गया। इसलिए इनके कामकाज के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। इस पर सवाल उठाना सही नहीं है।
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