फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   scope of LIG and EWS will increase soon

जल्द बढ़ेगा एलआईजी और ईडब्ल्यूएस का दायरा

Wed, 31 Oct 2012 07:05 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 31 Oct 2012 07:05 PM IST
विज्ञापन
scope of LIG and EWS will increase soon

आवासीय योजनाओं और होम लोन के लिए जल्द ही निमभन आय वर्ग (एलआईजी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) का दायरा बढ़ सकता है। केंद्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय ने दोनों वर्गों की आय सीमा को बढ़ाना का प्रस्ताव तैयार है, जिसे जल्द ही वित्त मंत्रालय की मंजूर मिल सकती है। इसके अलावा निमभन आय वर्ग के होम लोन को प्राथमिकता क्षेत्र के तहत 3 फीसदी कर्ज देने का फैसला भी किया जा सकता है।

विज्ञापन


मंगलवार को निम्न आय वर्ग में होम लोन को बढ़ावा देने के लिए शुरू हुई क्रेडिट रिस्क गारंटी फंड योजना की शुरुआत के मौके आवास सचिव अरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि एलआईजी और ईडब्ल्यूएस की आय सीमा को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन


फिलहाल 5 हजार रुपये महीना से कम आमदनी वाले परिवार आर्थिक तौर पर कमजोर माने जाते हैं जबकि एलआईजी के लिए यह सीमा 10 हजार रुपये महीना है। इस सीमा को बढ़ाकर क्रमश: 8 हजार और 16 हजार करने का प्रस्ताव है। सरकारी आवास और होम लोन से जुड़ी योजनाओं का लाभ इस आय सीमा के तहत आने वाले परिवारों को ही मिल पाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मौके पर केंद्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री अजय माकन ने कहा कि उच्च और मध्यम आय वर्ग को होम लोन अपेक्षाकृत आसानी से मिल जाते हैं। जिसके चलते जरूरत के बजाय निवेश के लिए मकान खरीदे जा रहे हैं।

एक ओर जहां शहरों में गरीबों के पास रहने की जगह नहीं है वहीं दिल्ली जैसे शहरों में 20 फीसदी मकान खाली पड़े हैं। इसलिए निम्न आय वर्ग के मकानों और कर्ज को बढ़ावा देने की जरूरत है। निमभन आय वर्ग को प्राथमिकता क्षेत्र के तहत 3 फीसदी कर्ज देने की मांग को वह जल्द ही वित्त मंत्रालय के सामने रखेंगे।

माकन का कहना है कि होम लोन का फायदा निमभन आय वर्ग के लोग तभी उठा पाएंगे जब सस्ते मकान उपलब्ध हों। इसके लिए प्राइवेट हाउसिंग प्रोजेक्ट में 35 फीसदी मकान एलआईजी या ईडब्ल्यूएस के लिए बनाने को अनिवार्य बनाया जा रहा है। दिल्ली मास्टर प्लान में यह प्रावधान लागू हो चुका है जबकि अन्य राज्यों में भी इसे लागू करवाने की कोशिश की जा रही है। राजीव आवास योजना के जरिए भी इसे बढ़ावा दिया जाएगा।


क्रेडिट गारंटी फंड योजना के तहत निमभन आय वर्ग के मकानों के लिए पांच लाख रुपये तक के होम लोन पर सरकार की ओर से बैंक व अन्य वित्तीय संस्थानों को 90 फीसदी तक की रिस्क गारंटी दी जाएगी। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने इस योजना के लिए नेशनल हाउसिंग बैंक के साथ समझौता कर लिया है। जल्द ही अन्य बैंक व हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां भी इसमें शामिल हो सकती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed