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स्कूटी के अवतार में फिर लौटा स्कूटर का जमाना
नई दिल्ली/ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Sep 2014 08:46 AM IST
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तेजी से हो रहे शहरीकरण और जिंदगी की बढ़ती दौड़भाग के बीच स्कूटर एक बार फिर से एक आरामदायक दो पहिया वाहन के रूप में लोगों की पसंद बनता जा रहा है। 1980 के दशक के बाद हाल के वर्षों में एक बार फिर से स्कूटर के प्रति लोगों का रुझान बढ़ता दिख रहा है। ट्रेंड में इस बदलाव के चलते इस समय देश में बिकने वाला हर चौथा दुपहिया वाहन एक स्कूटर है।
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पिछले बीते कुछ सालों में, भारतीय स्कूटरों की बिक्री में 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौजूदा रुझान को देखते हुए यह आंकड़ा अगले दो से तीन साल में भी आगे बढ़ते रहने की उम्मीद है। एक वक्त था, जब स्कूटर लगभग गुमनामी की स्थिति में जा पहुंचा था। इस झटके से उबरते हुए स्कूटर ने एक बार फिर से घरेलू दुपहिया वाहनों की बिक्री का लगभग एक चौथाई हिस्सा हथियाते हुए बहुत ही स्मार्ट रिकवरी की है।
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लगभग दो दशक पहले, स्कूटर को पुरुष प्रधान माना जाता था, पर ‘स्कूटी’ के लांच के साथ ही एक अभूतपूर्व परिवर्तन देखा गया और ‘स्कूटी’ ब्रांड घर-घर में मशहूर हो गया। टीवीएस मोटर कंपनी ने स्कूटी को 1993 के आसपास पेश किया था। इसके साथ ही टीवीएस पहली ऐसी कंपनी बन गई, जिसने खासतौर पर लड़कियों के लिए दो पहिया वाहन बाजार में उतारा। स्कूटी को मिली आशातीत सफलता से यह संकेत मिल गया कि टूव्हीलर बाजार में एक नए सैगमेंट का जन्म हो चुका है।
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करीब छह साल बाद होंडा ने एक्टिवा लांच की और इसके साथ ही गियर वाले स्कूटर पर ऑटोमेटिक स्कूटरों ने अपना वर्चस्व जमाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे स्त्रियों के साथ ही पुरुष और उम्रदराज लोग यहां तक कि युवा भी गियर लेस स्कूटरों की सवारी पसंद करने लगे। इसके बाद गियर लेस स्कूटरों ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। विभिन्न कंपनियों द्वारा कई नए मॉडल लांच किए जाने के साथ ही इसकी रेंज में भी विस्तार होने लगा।
पिछले कुछ वर्षों में, पुरुषों और महिलाओं को रिझाने वाले रूप व शैली के कारण स्कूटरों की बिक्री तेजी से बढ़ी है। स्टाइल के अलावा इन स्कूटरों में मोटरसाइकिल जैसा बेहतर माइलेज भी अब उपलब्ध है, जिससे स्कूटर सेगमेंट और भी आकर्षक बन गया है।
कंपनियों द्वारा स्कूटरों में उपलब्ध कराए गए कई आधुनिक फीचर्स और सुविधाओं ने भी स्कूटरों का दौर एक बार फिर वापस लाने में अहम भूमिका निभाई। टीवीएस मोटर कंपनी ने वीगो स्कूटर पेश किया, जिसमें टेलीस्कोपिक फ्रंट शॉक एब्जॉर्बर के साथ एक दक्ष इंजन है, जो इसे काफी आरामदेह बनाता है।
इसके अलावा इसका अच्छा माइलेज इसे मूल्योपयोगी उत्पाद बनाता है। टीवीएस मोटर कंपनी ने जो दूसरा उत्पाद पेश किया, वह था टीवीएस जुपिटर। इसमें कई नए फीचर दिए गऐ जैसे कि बड़े ट्यूब लेस टायर, बड़ा स्टोरेज स्पेस, ईंधन की कमी दर्शाने वाला इंडिकेटर, सर्विस रिमाइंडर और पूरी तरह एल्यूमीनियम से बना एक उन्नत इंजन जो पूरी तरह से मेटल बॉडी में रखा गया था।
भारत में युवा महिलाएं अपने निजी वाहन में सफ र को प्राथमिकता देती हैं और इस जरूरत ने होंडा की ‘एक्टिवा’ को जन्म दिया। एक्टिवा 125 सीसी और एक्टिवा आई जैसे विभिन्न संस्करणों के साथ पुरुषों और महिलाओं दोनों की जरूरतों को पूरा करती है। इसके अलावा हीरो मोटोकॉर्प जैसे अन्य कंपनियों ने पुरुषों और महिलाओं की आवश्यकता के लिए खासतौर पर स्कूटर पेश किए। पुरुषों के लिए हीरो माइस्ट्रो और महिलाओं के लिए हीरो प्लेजर शामिल हैं।
टीवीएस मोटर कंपनी के स्कूटर मार्केटिंग हेड अनिरुद्ध हलदर का कहना है कि हमारी सबसे नई पेशकश टीवीएस स्कूटी ज़ेस्ट 110, स्कूटी ब्रांड को नई ऊंचाई ले जाने के लिए तैयार है। आज, टीवीएस मोटर कंपनी के पास ग्राहकों के लिए स्कूटरों की व्यापक रेंज है। हम स्कूटर इंडस्ट्री के हर सेग्मेंट में मौजूद हैं।
सिंगल वुमन यूजर सेग्मेंट के लिए स्कूटी सीरीज, डुअल यूसेज सेग्मेंट के लिए वीगो और मेल सिंगल यूजर सैगमेंट के लिए जुपिटर इसमें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल स्कूटर बाजार में सिंगल वुमन यूजर सेग्मेंट की 29 फीसदी हिस्सेदारी है। डुअल यूसेज सेग्मेंट 36 प्रतिशत, जबकि मेल सिंगल यूजर सेग्मेंट बाजार का 37 फीसदी है। टीवीएस मोटर कंपनी की स्कूटर रेंज विभिन्न कीमतों में उपलब्ध है जो 36,000 रुपये से 50,000 रुपये तक है।
अगस्त 2014 में देश में कुल 3,69,323 स्कूटरों की बिक्री हुई, जो कि पिछले साल इसी महीने में 2,83,142 इकाई थी। इस प्रकार स्कूटरों की बिक्री में 30.44 फीसदी रही। कुल मिलाकर देश भर में हर साल औसतन 3.5 लाख स्कूटर बेचे जा रहे हैं।