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रेपो रेट व सीआरआर में कटौती चाहता है एसबीआई

Tue, 22 Jan 2013 10:46 PM IST
भुवनेश्वर/एजेंसी
भुवनेश्वर/एजेंसी Updated Tue, 22 Jan 2013 10:46 PM IST
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sbi wants to cut the repo rate and crr

ब्याज दरों और नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में कटौती की पुरजोर वकालत करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के चेयरमैन प्रतीप चौधरी ने कहा कि निवेश और विकास के पहिये को रफ्तार देने के लिए यह कदम जरूरी हैं।

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चौधरी ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि रिजर्व बैक 29 जनवरी को अपनी मौद्रिक व नीतिगत समीक्षा पेश करने वाला है। हमने रिजर्व बैंक से पहले ही सीआरआर में 1 फीसदी तक और रेपो रेट में 0.50 फीसदी की कटौती करने की गुजारिश की है। एसबीआई प्रमुख ने रिजर्व बैंक द्वारा सीआरआर को 6 फीसदी घटाकर 4.25 फीसदी पर लाए जाने के कदम की सराहना की।
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चौधरी ने कहा कि देश में मौजूदा महंगाई दर को देखते हुए स्थिरता या कारोबारी सुस्ती को दूर करने के लिए ब्याज दरों को नीचे लाए जाने की आवश्यकता है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के विकास को बढ़ावा देकर महंगाई को नियंत्रित और आपूर्ति बढ़ाई जा सकती है। और, इसके लिए भारी निवेश की जरूरत है। ऐसे में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ब्याज दरों में कमी की जानी चाहिए।
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चौधरी ने कहा कि यदि महंगाई दर और आर्थिक सुस्ती का दौर कायम रहता है तो यह महंगाई से उपजी मंदी की गंभीर स्थिति पैदा कर देगा। ऐसे में ब्याज दरों को नीचे लाकर निवेश के माहौल में सुधार लाया जा सकता है। एसबीआई प्रमुख ने कहा कि निवेश बढ़ने से रोजगार का माहौल भी सुधरेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके साथ ही चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है, तो देश को यूरोप जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।


एसबीआई के बढ़ते गैर निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) पर उन्होंने कहा कि इसकी मुख्य वजह आर्थिक मंदी है। बैंकों ने फिलहाल धैर्य बनाए रखने का निर्णय किया है क्योंकि यह एक आवर्ती प्रक्रिया है और अभी सभी कुछ नियंत्रण में है।

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