इस मामले में दूसरे बैंकों से आगे निकला SBI
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प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाता खोलने में सभी सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंकों के बीच भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने बाजी मारी है।
स्टेट बैंक ने शुक्रवार (7 नवंबर) तक 1.42 करोड़ खाते खोल लिए थे। दूसरे स्थान पर रहने वाला बैंक ऑफ बड़ौदा महज 48.21 लाख खाते ही खोल पाया था।
इसमें इन बैंकों द्वारा संचालित किए जा रहे क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का आंकड़ा भी शामिल है। सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत दी गई जानकारी के अनुसार देश भर में 7 नवंबर तक इस योजना के तहत कुल 7.12 करोड़ खाते खुले थे, जिनमें से सरकारी बैंकों में 5.75 करोड़, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में 1.18 करोड़ और निजी बैंकों में 19.43 लाख खाते खोले गए।
इन बैंकों में योजना के तहत खोले गए खातों में से 5.31 करोड़ खाते में अभी तक एक भी पैसा जमा नहीं कराया गया है। मतलब अभी तक इन खातों में जीरो बैलेंस है। शेष खातों में अभी तक 5,482.43 करोड़ रुपये जमा कराये गए हैं।
वित्त मंत्रालय के बैंकिंग विभाग द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक जन धन योजना के तहत खोले गए 7.12 करोड़ खातों में से 3.85 करोड़ खातों को ही अभी तक रूपे डेबिट कार्ड जारी हो पाया है।
इनमें से सर्वाधिक 3.66 करोड़ डेबिट कार्ड सरकारी बैंकों में खुले खातों के लिए जारी हुए हैं। क्षेत्री ग्रामीण बैंकों में खुले खातों के लिए 12.24 लाख डेबिट कार्ड जारी हुए हैं, जबकि निजी क्षेत्र के बैंकों में इस योजना के तहत खुले खातों में से 6.59 लाख खातों को ही रूपे डेबिट कार्ड आवंटित हो पाया है।
गौरतलब है कि इस योजना के तहत बीमा की सुविधा उन्हीं खाताधारकों को मिलती है, जिनके पास रूपे डेबिट कार्ड होता है। योजना के तहत भारतीय स्टेट बैंक द्वारा खोले गए 1.42 करोड़ खातों में से 1.24 करोड़ खाते खुद एसबीआई ने खोले हैं, जबकि 17.67 लाख खाते अपने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के जरिये खोले हैं।
दूसरे स्थान पर बैंक ऑफ बड़ौदा है, जिसने अभी तक 48.21 लाख खाते खोले हैं। इसमें से खुद 38.21 लाख खाते, जबकि 10 लाख खाते अपने क्षेत्रीय एवं ग्रामीण बैंकों के जरिये खोले गए है।
तीसरे स्थान पर केनरा बैंक है। इसकी झोली में कुल 41.32 लाख खाते आए हैं, जिनमें से 37.40 लाख खाते खुद और 3.92 लाख खाते अपने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के जरिये खोले गए हैं।