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'सैंडी' के कहर में फंसा भारतीय हस्तशिल्प
मुरादाबाद/दीपेश
Updated Wed, 31 Oct 2012 07:26 PM IST
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अमेरिका में समुद्री तूफान ‘सैंडी’ का असर पीतल नगरी के निर्यातकों पर पड़नी शुरू हो गई है। सैंडी की सूचना पर सारे जहाजों को अमेरिकी पोत के क्षेत्र में रोक दिया गया है। इससे हस्तशिल्प उत्पादों से भरी चालीस शिपमेंट समुद्री जहाजों पर ही अटकी हुई है। यह संख्या बढ़ भी सकती है।
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क्रिसमस के मद्देनजर पीतल नगरी के निर्यातकों को अमेरिकी बायर्स ने बढ़ चढ़कर बड़ी संख्या में हैंडीक्राफ्ट गिफ्ट आइटम के ऑर्डर दिए थे। खरीद फरोख्त करार के तहत उन उत्पादों की डिलीवरी अक्तूबर के अंत तक अमेरिकी पोत पर हो जानी थी। निर्यातकों ने ऐसा किया भी।
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अमेरिका भेजी जाने वाली शिपमेंट को अक्तूबर प्रथम सप्ताह में रवाना कर दिया। जो अब तक अमेरिकी पोत पर होती। लेकिन वह सैंडी की गिरफ्त में आ गई। अमेरिकी पोत के आसपास पहुंचने वाले सभी समुद्री जहाजों (मदर शिप) पर फिलहाल अमेरिकी क्षेत्र में प्रवेश करने पर रोक लगा दिया गया।
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निर्यातकों का कहना है कि रोके गए मदर शिप पर उनके कंटेनर लदे हैं। मुम्बई स्थित इंटरनेशनल शिपिंग लाइन कंपनी के आनंद कुमार का कहना है कि पोत पर पहुंचने वाले मदर शिप को कुछ दिनों के लिए रोक दिया गया है। उन मदर शिप पर पीतल नगरी के लगभग चालीस शिपमेंट हैं।
मुरादाबाद एक्सपोर्ट एसोसिएशन के सचिव सतपाल का कहना है कि इसकी विस्तृत सूचना एकत्रित नहीं हो पाई है। लेकिन दो तीन दिनों तक और शिप को रोका गया तो सैकड़ों की संख्या में कंटेनर फंस जाऐंगे, जिसका नुकसान करोड़ों में होगा। एक कंटेनर में चार से पांच करोड़ रुपये का माल लदा होता है। इसका खामियाजा बायर्स और निर्यातकों को उठाना पड़ेगा।
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट के राकेश कुमार के मुताबिक अमेरिकी सैंडी की वजह से शिपमेंट की डिलीवरी में विलंब होगा। जिसका असर कारोबार पर पड़ेगा, जिसका लंबे समय तक दिखेगा।