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15 दिन पहले भी हुआ था पाइप लाइन में हादसा
अजीत सिंह / अमर उजाला दिल्ली।
Updated Fri, 27 Jun 2014 09:16 PM IST
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आंध्र प्रदेश में भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड (गेल) की जिस पाइप लाइन में शुक्रवार को विस्फोट के बाद भीषण आग लगी, उसमें 15 दिन पहले भी लीकेज हुआ था।
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केंद्र और राज्य सरकार अपने स्तर पर इस हादसे की जांच में जुटी हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना ही सही वजह सामने आएगी।
लेकिन ओएनजीसी रिफाइनरी के नजदीक हुए इस हादसे ने भारत के तेल व गैस प्रतिष्ठïनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गेल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले भी आंध्र प्रदेश में इसी पाइप लाइन में लीकेज सामने आया है। जिसकी जानकारी मिलते ही पाइप लाइन की मरम्मत कर लीकेज बंद किया गया।
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हालांकि, अभी यह स्पष्टï नहीं कि शुक्रवार को हुआ हादसा इस लीकेज से कितनी दूर हुआ था। लेकिन भीषण विस्फोट और आग को देखते हुए माना जा रहा है कि पाइप लाइन में काफी गैस लीक हो रही थी।
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तेल व गैस उद्योग की सुरक्षा को लेकर हडकंप
आंध्र प्रदेश में हुए गैस हादसे ने पेट्रोलियम मंत्रालय में हडकंप मचा दिया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हैरानी जताई कि देश में तेल व गैस उद्योगों की सुरक्षा के लिए कोई कानूनी संस्था नहीं है।
प्रधान का कहना है कि सरकार तेल व गैस उद्योगों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय (ओआईएसडी) को ज्यादा अधिकार और सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
फिलहाल तेल एवं गैस प्रतिष्ठानों के सेफ्टी ऑडिट का जिम्मा ओआईएसडी के पास है, लेकिन इसे कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं हैं।
पूर्व पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने भी निदेशालय को सांविधिक शक्ति देने का सुझाव दिया था, लेकिन इस प्रस्ताव पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है।
जारी है हादसों का सिलसिला
- पिछले हफ्ते एचपीसीएल मित्तल एनर्जी लिमिटेड की बठिंडा रिफाइनरी में आग लगने से वहां कामकाज प्रभावित हुआ।
- 2 जून को छत्तीगढ़ में सेल के संयंत्र में गैस लीक होने से छह लोगों की मौत और 36 घायल।
- अगस्त, 2013 में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्प लिमिटेड (एचपीसीएल) की विशाखापत्तनम रिफाइनरी में आग लगी जिसमें 30 लोग मारे गए थे।
- दिसंबर 2009 में इंडियन ऑयल कापरेरेशन (आईओसी) जयपुर के तेल डीपो में लगी भीषण आग में दर्जनभर लोग मारे गए थे।
- 2005 में ओएनजीसी के मुंबई हाई तेल क्षेत्र में आग लगने 25 लोगों की मौत हुई।