बढ़ गई 50 लाख कर्मचारियों की सैलरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुशखबरी 50 लाख कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी बढ़ गई है। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 90 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की हुई बैठक में इस बाबत फैसला किया गया है।
चुनावी मौसम में केंद्र सरकार अपने कर्मियों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रही थी। चुनाव से ठीक पहले सरकार की योजना अपने 50 लाख कर्मचारियों और 30 लाख पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता (डीए) 10 फीसदी बढ़ाने की घोषणा पूरी तरह से चुनावी तोहफा है।
इस 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ ही केंद्रीय कर्मियों का महंगाई भत्ता सौ तक पहुंच जाएगा। सरकार अब बस 28 फरवरी को आने वाले ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (एआईसीपीआईआईडब्ल्यू) की बीते साल दिसंबर के संशोधित डाटा का इंतजार है। बढ़ा हुई भत्ता 1 जनवरी से ही लागू माना जाएगा।
कर्मचारियों को मिलेगा इसका लाभ?
यूनियन के अध्यक्ष केकेएन कुट्टी ने कहा था कि बढ़ती महंगाई के मद्देनजर इससे जुड़े भत्ते में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो सकती है। मगर इसके साथ ही अब वेतन में संशोधन करने और डीए को मूल वेतन में मिला दिया जाना चाहिए।
ऐसा 7वें वेतन आयोग के गठन से ही मुमकिन है। अब तक डीए 50 फीसदी के ऊपर जाने पर मूल वेतन में मिलाया जाता रहा है। ऐसा करने से कर्मचारियों को कई और भत्ते मूल वेतन के आधार पर मिलते हैं।
चुनाव से पहले लुभाने का खेल
केंद्र सरकार ने बीते साल सितंबर महीने में ही केंद्रीय कर्मियों का महंगाई भत्ता 80 फीसदी से बढ़ा कर 90 फीसदी कर दिया था। तब इस बढ़ोत्तरी को बीते एक जुलाई से प्रभावी बनाया गया था। उधर, चुनाव को देखते हुए केंद्रीय कर्मियों से जुड़े संगठनों ने कुछ और लाभ हासिल करने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति बनानी शुरू कर दी।
वेतन आयोग के लिए शर्तों को मंजूरी जल्द
केंद्रीय मंत्रिमंडल इस सप्ताह सातवें वेतन आयोग की शर्तों को मंजूरी दे सकता है। सरकार ने करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में संशोधन के लिए आयोग का गठन किया है।
अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार इस मामले को सुलझा लेना चाहती है। इस बारे में कैबिनेट की आगामी बैठक में फैसला लिया जाएगा। इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एके माथुर कर रहे हैं।