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सैट ने समय सीमा बढ़ाने की सहारा की याचिका खारिज की
मुंबई/एजेंसी
Updated Fri, 21 Dec 2012 12:10 AM IST
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सहारा समूह की दो कंपनियों के बांडधारकों को पैसा लौटाने के मामले में सिक्युरिटी एंड अपीलेट ट्रिब्यूनल (सैट) ने बाजार नियामक सेबी को निवेशकों से संबंधित दस्तावेज सौंपने की समय सीमा बढ़ाने संबंधी सहारा की याचिका खारिज कर दी।
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सहारा समूह की कंपनियों सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन (एसएचआईसीएल) और सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन (एसआईआरईसीएल) ने एक महीने पहले 19 नवंबर को समय सीमा बढ़ाने के लिए अपील की थी। इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेष निर्देश पहले ही पारित कर दिए जाने से ट्रिब्यूनल ने सहारा समूह की कंपनियों की याचिका खारिज कर दी।
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याचिका पर बृहस्पतिवार सुबह सुनवाई करते हुए सैट ने पाया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए विशेष निर्देश के मद्देनजर अपील निष्फल हो गई है। सैट ने कहा कि अपील बरकरार नहीं रखी जा सकती, क्योंकि मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही निर्देश जारी कर चुका है। दोनों कंपनियों ने निवेशकों से संबंधित दस्तावेज सेबी को सौंपने के लिए समय सीमा 31 जनवरी तक बढ़ाने की अपील की थी। इस पर बृहस्पतिवार को सैट द्वारा सुनवाई के लिए विचार किया जाना था।
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सुप्रीम कोर्ट ने गत 31 अगस्त को दिए अपने आदेश में दोनों कंपनियों को 10 नवंबर तक दस्तावेज जमा करने को कहा था। हालांकि, 5 दिसंबर को पारित एक अन्य आदेश में शीर्ष अदालत ने दोनों कंपनियों को 15 दिनों के भीतर सेबी को दस्तावेज सौंपने को कहा। यह समय सीमा बृहस्पतिवार को समाप्त हो रही है।
दोनों कंपनियों ने सैट के रजिस्ट्रार के पास धन जमा करने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए 19 नवंबर को एक दूसरी अपील की। हालांकि, ट्रिब्यूनल द्वारा 29 नवंबर को यह अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद, दोनों कंपनियों ने सैट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने 5 दिसंबर को दोनों कंपनियों को बकाया भुगतान निवेशकों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ नौ सप्ताह में चरणबद्ध तरीके से लौटाने का निर्देश दिया।