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ग्रामीण मजदूरी बढ़ने की रफ्तार हुई कम: नोमुरा

Thu, 02 Oct 2014 07:00 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 02 Oct 2014 07:00 PM IST
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Rural wages rising with declining growth pace: Nomura

भारत में ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी बढ़ रही है लेकिन ग्रोथ की रफ्तार पिछले कुछ वर्षों के दौरान काफी कम हुई है। जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने बृहस्पतिवार को यह बात कही है। नोमुरा ने एक रिपोर्ट में कहा है कि ग्रामीण मजदूरों के लिए औसत दैनिक मजदूरी की वृद्धि दर घट कर जून में 10 फीसदी से नीचे आ गई है। यह 2013 में 16.3 फीसदी, 2012 में 17.6 फीसदी और 2011 में 20.9 फीसदी से काफी कम रही है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि मजदूरी में मामूली वृद्धि वास्तविक ग्रामीण मजदूरी में नरमी के कारण रही है। इससे खाद्य कीमतों की महंगाई कम होने से ग्रामीण मजदूरों के लिए मांग में सुस्ती और न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की धीमी गति का भी पता चलता है। रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने हाल में कहा था कि ग्रामीण इलाकों में मजदूरी बढ़ने की रफ्तार कम होना मुद्रास्फीति के लिए सकारात्मक कारक है।
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नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मजदूरी में नरमी यानी उत्पादन लागत कम होना उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई के कम होने की उसकी उम्मीद का प्रमुख कारण है। सीपीआई ने पिछले कुछ महीनों से गिरावट का संकेत दिया है। सीपीआई आधारित महंगाई वित्त वर्ष की शुरुआत में 8.59 फीसदी से घट कर अगस्त में 7.8 फीसदी के स्तर पर आ गई है।
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