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रुपया नहीं जाएगा 58-60 से नीचे
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 24 Sep 2013 03:15 PM IST
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केन्द्र सरकार का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगर बांड खरीद (क्यूई-3) को बंद भी कर देता है, तो रुपए पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम के मुताबिक सरकार ने फेड के किसी भी कदम से निबटने के पर्याप्त उपाय कर रखे हैं। इसलिए रुपए में गिरावट की आशंका से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि रुपए का वास्तविक मूल्य इस समय 58 से 60 रुपए प्रति डॉलर है। इसलिए यह इससे नीचे नहीं जाएगा।
फिक्की की तरफ से आयोजित 5वें इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर समिट-2013 में शिरकत के बाद मायाराम ने कहा कि रुपए में जो गिरावट आई है, उसमें विदेशी अटकलबाजियों का बड़ा हाथ रहा है।
जापान के साथ 50 अरब डॉलर की मौद्रिक अदला-बदली की भी सरकार ने व्यवस्था कर रखी है। इसके अलावा ब्रिक्स देशों ने 100 अरब डॉलर का आपात कोष बना रखा है।
इसका सदस्य होने के नाते संकट की स्थिति में भारत इस राशि का इस्तेमाल भी कर सकता है। इसलिए इतने इंतजामों के बावजूद रुपए में गिरावट को भयभीत होने की कोई जरूरत नहीं रह जाती है।
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मायाराम का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अगस्त में दुनिया की विभिन्न मुद्राओं के बीच रुपए का प्रदर्शन काफी खराब रहा है और वह 8.7 फीसदी कमजोर हुआ है।
देश की आर्थिक विकास दर के बारे में मायाराम ने कहा कि सरकार पांच प्रतिशत की विकास दर से कतई संतुष्ट नहीं है। अर्थव्यवस्था में 8 फीसदी की विकास दर हासिल करने की क्षमता है। इसलिए अगले दो साल में अर्थव्यवस्था एक बार फिर से 8 फीसदी की दर से बढ़ती दिखाई देगी।
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वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम के मुताबिक सरकार ने फेड के किसी भी कदम से निबटने के पर्याप्त उपाय कर रखे हैं। इसलिए रुपए में गिरावट की आशंका से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि रुपए का वास्तविक मूल्य इस समय 58 से 60 रुपए प्रति डॉलर है। इसलिए यह इससे नीचे नहीं जाएगा।
फिक्की की तरफ से आयोजित 5वें इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर समिट-2013 में शिरकत के बाद मायाराम ने कहा कि रुपए में जो गिरावट आई है, उसमें विदेशी अटकलबाजियों का बड़ा हाथ रहा है।
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जापान के साथ 50 अरब डॉलर की मौद्रिक अदला-बदली की भी सरकार ने व्यवस्था कर रखी है। इसके अलावा ब्रिक्स देशों ने 100 अरब डॉलर का आपात कोष बना रखा है।
इसका सदस्य होने के नाते संकट की स्थिति में भारत इस राशि का इस्तेमाल भी कर सकता है। इसलिए इतने इंतजामों के बावजूद रुपए में गिरावट को भयभीत होने की कोई जरूरत नहीं रह जाती है।
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मायाराम का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अगस्त में दुनिया की विभिन्न मुद्राओं के बीच रुपए का प्रदर्शन काफी खराब रहा है और वह 8.7 फीसदी कमजोर हुआ है।
देश की आर्थिक विकास दर के बारे में मायाराम ने कहा कि सरकार पांच प्रतिशत की विकास दर से कतई संतुष्ट नहीं है। अर्थव्यवस्था में 8 फीसदी की विकास दर हासिल करने की क्षमता है। इसलिए अगले दो साल में अर्थव्यवस्था एक बार फिर से 8 फीसदी की दर से बढ़ती दिखाई देगी।