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जानिए, क्यों हो रही है रुपए की जबर्दस्त पिटाई

Wed, 28 Aug 2013 01:35 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 28 Aug 2013 01:35 AM IST
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rupee logs worst fall to all time low of 66.30

खाद्य सुरक्षा बिल के बहाने भले ही यूपीए सरकार चुनावी नैया पार करने का सपना देख रही है, पर उस दिशा में उठे कदम बाजार और रुपए को रास नहीं आ रहे हैं।

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सोमवार देर रात खाद्य सुरक्षा बिल के लोकसभा से पारित होने के बाद रुपया मंगलवार को सुबह से ही लड़खड़ाने लगा।

पहले तो रुपए ने डॉलर के मुकाबले 65 के स्तर को छूने का रिकॉर्ड बनाया, उसके बाद शाम होते-होते 66 के स्तर को भी पार कर गया।

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पूरे दिन में रुपए में 194 पैसे की गिरावट के साथ अभी तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 66.24 के स्तर पर बंद हुआ।
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बाजार में आई गिरावट पर कोटक सिक्योरिटीज के संजीव जरबड़े के अनुसार पूरी अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी नहीं है। उसमें सोमवार को खाद्य सुरक्षा बिल के पारित होने से सरकार पर वित्तीय बोझ और बढ़ने वाला है।
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लगातार गिरते रुपए की वजह से जहां आम आदमी की जेब पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है। वहीं कॉरपोरेट जगत पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। इसे देखते हुए कॉरपोरेट जगत ने भी सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा बिल लागू करने के समय पर सवाल उठाए हैं।

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इंडिया इंफोलाइन के रिसर्च प्रमुख अमर अंबानी के अनुसार सरकार का खाद्य सुरक्षा बिल लाना पॉपुलिस्ट कदम है। इसके जरिए राजकोषीय घाटे पर प्रतिकूल असर होगा।

यहीं नहीं सरकार के लिए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के मुकाबले 4.8 फीसदी के स्तर पर भी बनाए रखना मुश्किल होगा।

गिरावट की प्रमुख वजहें:-
- खाद्य सुरक्षा बिल से सरकारी खजाने पर 1.3 लाख करोड़ रुपए का बोझ।
- सुस्त अर्थव्यवस्था में सरकार का घाटा और बढ़ने की आशंका।
- महीने का अंत होने से आयातकों के तरफ से डॉलर की ज्यादा मांग आने की अंदेशा।
- अमेरिका का सीरिया पर हमने करने की आशंका बढ़ना।
- विदेशी बाजार में भी गिरावट।

आम आदमी पर बढ़ रहा महंगाई का बोझ:-
- रुपए में लगातार गिरावट से खाने-पीने से लेकर जरूरत की सभी वस्तुएं महंगी हो रही हैं।
- दाल, खाद्य तेल, दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी।
- एलसीडी, वाशिंग मशीन, रेफ्रीजरेटर, कारें आदि की बढ़ रही हैं कीमतें।
- स्टील की कीमतों में भी बढ़ोतरी के कंपनियों ने दिए हैं संकेत।
- विदेशों में पढ़ाई भी लगातार हो रही है महंगी।
- घर बनाना, कारोबार करना भी हुआ महंगा।
- ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी का दौर शुरू।

विदेशी मुद्रा की तुलना में रुपए की कीमत
विदेशी मुद्रा---रुपए की कीमत
यूएस डॉलर---66.24
यूरो---88.07
ब्रिटिश पाउंड---102.31
स्वीस फ्रेंक---71.63
चीनी युआन---10.78
(रेट 27 अगस्त, 2013 का)

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