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तीन महीने में रुपया होगा 50 से नीचे

Thu, 27 Sep 2012 01:11 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 27 Sep 2012 01:11 AM IST
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rupee down from 50 in three months
मुद्रा बाजार में जिस रफ्तार से रुपया मजबूती पकड़ रहा है, उसे देखते हुए अगले तीन महीने में यह 50 रुपये प्रति डॉलर के स्तर से नीचे पहुंच जाएगा। सरकार द्वारा उठाए गए आर्थिक सुधार के कदम, पूंजी बाजार में एफआईआई बढ़ने व दुनिया की प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर में आ रही कमजोरी से रुपये को बल मिल रहा है। उद्योग संगठन एसोचैम ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया है।
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एसोचैम के मुताबिक, पिछले एक वर्ष में रुपये में 25 फीसदी तक की गिरावट देखी गई थी, लेकिन हाल में सरकार द्वारा किए गए सुधार के उपायों से पिछले दो सप्ताह में ग्लोबल निवेशकों के भारत का रुख करने से रुपये में मजबूती लौटी है। एसोचैम के अध्यक्ष राजकुमार एन धूत का कहना है कि मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई और डीजल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी जैसे साहसिक निर्णय किए हैं। सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब यूरोप और अमेरिका में तरलता बढ़ाने के उपाय किए गए हैं और इससे ग्लोबल बाजार में तरलता भी बढ़ी है।
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धूत ने कहा कि रुपये को सबसे अधिक मजबूती कच्चे तेल और सोने की कीमतों में आ रही गिरावट से मिली है। इन दोनों वस्तुओं को देश में आयात में बहुत बड़ी हिस्सेदारी है और चालू खाता घाटा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संगठन ने कहा है कि रुपये में मजबूती आने का अनुमान कई कारकों पर निर्भर है, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक संकेत भी शामिल हैं। इन कारकों में एफआईआई का भारतीय बाजार में लौटना, विभिन्न क्षेत्रों में एफडीआई, कमोडिटी के आयात में कमी और ग्लोबल बाजार में डॉलर से जुड़ी संपत्तियों को जारी करना शामिल है। सितंबर में एफआईआई के निवेश के बल पर सेंसेक्स में तेजी आई है।
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पिछले वर्ष अप्रैल से अगस्त तक व्यापार घाटा 76 अरब डॉलर का था, जो चालू वित्तवर्ष की आलोच्य अवधि में 71 अरब डॉलर रह गया है। इसमें कहा गया है कि इसके मद्देनजर चालू वित्तवर्ष में कुल व्यापार घाटा के पिछले वित्तवर्ष के 185 अरब डॉलर से कम रहने का अनुमान है। एसोचैम ने कहा है कि हालांकि रुपये की तुलना में डॉलर में कमी निर्यातकों के लिए अच्छी खबर नहीं हो सकती है, लेकिन मजबूत रुपये से कच्चे माल और श्रमिक लागत में कमी आने का लाभ उन्हें मिल सकता है।
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