फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   rupee could appreciate 59 level agains dollar

साल के अंत तक 59 तक पहुंचेगा रुपया!

Wed, 18 Sep 2013 09:30 PM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
एजेंसी/नई दिल्ली Updated Wed, 18 Sep 2013 09:30 PM IST
विज्ञापन
rupee could appreciate 59 level agains dollar

चालू वित्तवर्ष 2013-14 के अंत तक रुपया डॉलर के मुकाबले सुधरकर 59-61 के स्तर पर आ सकता है।

विज्ञापन


इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 68 के पार चला गया था।

फिच समूह की कंपनी इंड-रा की रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्तवर्ष के पिछले दो महीनों में अर्थव्यवस्था में जो बदलाव हुए हैं और जो आने वाले महीनों में हो सकते हैं, उनका रुपए पर सकारात्मक असर होगा, जिसके चलते उसमें मजबूती आएगी।

अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा राहत पैकेज के वापसी की संभावनाओं के बावजूद रुपया अपने अगस्त आखिर के स्तर से 8-11 फीसदी तक मजबूत हो सकता है। अर्थात, मार्च 2014 तक घरेलू मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सुधरकर 59-61 के बीच पर पहुंच सकती है।
विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से मई 2013 के बीच बुनियादी आर्थिक वजहों से रुपए में उतार-चढ़ाव रहा। जबकि, मई से जून के दौरान रुपए में गिरावट अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा बांड खरीद वापस लेने की अटकलों से विदेशी निवेशकों की ओर से पूंजी बाजार से निवेश बाहर निकलने से आई।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारतीय रुपए में तेज गिरावट की मुख्य वजह फेड रिजर्व के क्यूई कार्यक्रम को लेकर अटकलें, चालू खाता घाटे का बढ़ना, घरेलू अर्थव्यवस्था में सुस्ती और विदेशी बाजारों में डॉलर का मजबूत होना रही।

रिपोर्ट का कहना है कि चालू वित्तवर्ष में रिजर्व बैंक द्वारा किए गए नीतिगत उपाय, विदेशी निवेश बढ़ने, आर्थिक सुधार के बिल पास होने, चालू खाता घाटा कम होने से रुपए में मजबूती का दौर लौट सकता है। साथ ही तीसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर रफ्तार पकड़ सकती है।


रिपोर्ट की मानें, तो अगस्त माह में इमर्जिंग देशों की मुद्राओं से सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला रुपया सितंबर के पहले पखवाड़े में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गई।

डॉलर के मुकाबले रुपया 28 अगस्त को 68.85 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक लुढ़क गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed