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92.5 करोड़ टन कोयला उत्पादन का रोडमैप तैयार
नई दिल्ली/ राजीव कुमार
Updated Fri, 05 Dec 2014 09:06 AM IST
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घरेलू स्तर पर मांग के मुताबिक कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए कोयला मंत्रालय ने 92.5 क रोड़ टन कोयला उत्पादन का रोडमैप तैयार कर लिया है। यह रोडमैप कोयला मंत्रालय के अधीन काम करने वाली सीआईएल व उसकी सब्सिडियरी कंपनियों से उत्पादन के लिए बनाया गया है।
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कोयला मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2019-20 तक सीआईएल से एक अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। वहीं, कोयला ब्लॉक की नीलामी के लिए ब्लॉक का सुरक्षित मूल्य व नीलामी से जुड़ी अन्य शर्तें तय करने संबंधी नोट को अगले सप्ताह कैबिनेट में पेश किया जाएगा। कोयला ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया आगामी 22 दिसंबर से शुरू हो रही है।
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कोयला सचिव अनिल स्वरूप ने बताया कि एक अरब टन में से 92.5 करोड़ टन कोयला उत्पादन के लिए कोयला ब्लॉक की पहचान कर ली गई है और इन खदान से कोयला उत्पादन से जुड़ी सुविधाएं और कोयले की ढुलाई के लिए वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी ठोस तैयारी हो चुकी है। इस प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराने वाली कंपनियों के साथ सीआईएल संयुक्त उपक्रम के रूप में कंपनी बना सकती है, लेकिन उत्पादित कोयले पर पूरा अधिकार सीआईएल का ही रहेगा।
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उन्होंने बताया कि चिह्नित ब्लॉक को वन व पर्यावरण मंजूरी के लिए कोयला मंत्रालय में ही इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म तैयार किया जाएगा जिसके माध्यम से इन ब्लॉकों को वन व पर्यावरण मंजूरी दिलवाने का काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले 15 दिनों में कोयला मंत्रालय में इस प्लेटफार्म का गठन हो जाएगा और हर माह इससे जुड़ी कार्य प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
स्वरूप ने बताया कि ओडिशा, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश में सीआईएल के सहयोग से बनने वाली रेलवे लाइन का काम पूरा होते ही कोल इंडिया के उत्पादन में 20 करोड़ टन और जुड़ जाएंगे। उन्होंने बताया कि आगामी 22 दिसंबर को 92 कोयला ब्लॉक के आवंटन और नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इनमें से 42 ब्लॉक जो पहले से उत्पादन में है, की उत्पादन क्षमता 9 करोड़ टन है वहीं 32 ब्लॉक की उत्पादन क्षमता 13 करोड़ टन तो अन्य 18 ब्लॉक की उत्पादन क्षमता 10 करोड़ टन आंकी गई है।
उन्होंने बताया कि 92 ब्लॉक में से 57 ब्लॉक बिजली क्षेत्र को दिए जाएंगे। इनमें से 23 ब्लॉक नीलाम होंगे, वहीं 34 ब्लॉक बिजली क्षेत्र से जुड़ी केंद्र व राज्य की सार्वजनिक कंपनियों को आवंटित किए जाएंगे। बिजली क्षेत्र के 57 ब्लॉक के अलावा बचे हुए ब्लॉक सीमेंट, स्टील क्षेत्र को दिए जाएंगे। चालू वित्त वर्ष में सीआईएल का उत्पादन लक्ष्य 50.7 करोड़ टन रखा गया है और उम्मीद की जा रही है कि सीआईएल इस लक्ष्य को हासिल कर लेगा। वर्ष 2019-20 तक देश में 1.4 अरब कोयले की जरूरत होगी।