सरकार को उम्मीद धनी उपभोक्ता छोड़ सकते हैं एलपीजी सब्सिडी
केंद्र सरकार को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के चलते करीब एक करोड़ धनी उपभोक्ता अपनी एलपीजी सब्सिडी छोड़ देंगे। प्रधानमंत्री ने अपील की थी कि जो लोग बाजार मूल्य पर एलपीजी खरीद सकते हैं, वे एलपीजी सब्सिडी न लें।
एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक करोड़ का है। देखते हैं कितने और लोग एलपीजी सब्सिडी नहीं लेने का निर्णय लेते हैं। देश में करीब 15.3 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं।
पिछले हफ्ते एक वैश्विक ऊर्जा कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि अभी तक 2.8 लाख लोग एलपीजी सब्सिडी लेना छोड़ चुके हैं, इससे 100 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
पीएम बोले गरीबों की भलाई के लिए काम आएगा पैसा
प्रधानमंत्री ने कहा था कि इन पैसों का इस्तेमाल गरीबों की भलाई के लिए किया जा सकता है। जब से सरकार ने एलपीजी के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की नई योजना शुरू की है तब से कई लोग एलपीजी सब्सिडी लेना छोड़ चुके हैं।
डीबीटी के तहत सब्सिडी धनराशि उपभोक्ता के बैंक खाते में सीधे चली जाती है। हालांकि एलपीजी की खरीद के वक्त उसे पूरा पैसा देना होता है। उपभोक्ता अभी साल भर में 14.2 किलो के 12 या 5 किलो के 34 सिलेंडर सब्सिडी दर पर ले सकते हैं।
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले ही मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से एलपीजी सब्सिडी छोड़ने की अपील कर चुके हैं।