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नए रूप में किसान विकास पत्र अगले माह
एजेंसी
Updated Tue, 21 Oct 2014 08:50 AM IST
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केंद्र सरकार अगले माह की शुरुआत में किसान विकास पत्र नए रूप रंग में पेश कर सकती है। माना जा रहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष के बाकी माह में सरकार इसके जरिए 20,000 करोड़ रुपये का निवेश जुटा सकेगी।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ट अधिकारी ने कहा कि इसके लिए जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी हो गई है। हम नए किसान विकास पत्र को अगले माह की शुरुआत में लांच करने की उम्मीद कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि हालांकि आधा वित्त वर्ष बीत चुका है, लेकिन मार्च तक केंद्र सरकार किसान विकास पत्र से 20,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा था कि वह किसान विकास पत्र को नए सिरे से पेश करेंगे। किसान विकास पत्र छोटी बचत के लोगों में निवेश के माध्यम के रूप में काफी लोकप्रिय था। यूपीए सरकार ने 2011 में श्यामला गोपीनाथ की रिपोर्ट आने के बाद किसान विकास पत्र को बंद कर दिया था।
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कमेटी ने कहा था कि किसान विकास पत्र का दुरुपयोग किए जाने की आशंका है, ऐसे में इसे बंद कर दिया जाना चाहिए। किसान विकास पत्र बेहद लोकप्रिय सेविंग स्कीम थी। यह 8 वर्ष और सात माह में निवेश की गई रकम को दोगुना करता था। केंद्र सरकार पोस्ट आफिसों के जरिए देश भर में किसान विकास पत्र बेचती थी।
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वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ट अधिकारी ने कहा कि इसके लिए जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी हो गई है। हम नए किसान विकास पत्र को अगले माह की शुरुआत में लांच करने की उम्मीद कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि हालांकि आधा वित्त वर्ष बीत चुका है, लेकिन मार्च तक केंद्र सरकार किसान विकास पत्र से 20,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है।
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा था कि वह किसान विकास पत्र को नए सिरे से पेश करेंगे। किसान विकास पत्र छोटी बचत के लोगों में निवेश के माध्यम के रूप में काफी लोकप्रिय था। यूपीए सरकार ने 2011 में श्यामला गोपीनाथ की रिपोर्ट आने के बाद किसान विकास पत्र को बंद कर दिया था।
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कमेटी ने कहा था कि किसान विकास पत्र का दुरुपयोग किए जाने की आशंका है, ऐसे में इसे बंद कर दिया जाना चाहिए। किसान विकास पत्र बेहद लोकप्रिय सेविंग स्कीम थी। यह 8 वर्ष और सात माह में निवेश की गई रकम को दोगुना करता था। केंद्र सरकार पोस्ट आफिसों के जरिए देश भर में किसान विकास पत्र बेचती थी।