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रिजर्व बैंक ने गोल्ड लोन पर बढ़ाई सख्ती

Fri, 07 Jun 2013 10:10 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 07 Jun 2013 10:10 PM IST
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reserve bank raised sternness on gold loan

सोने की बढ़ती मांग से परेशान सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक अब हर तरह के कदम उठा रहे हैं।

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इसी के तहत शुक्रवार को रिजर्व बैंक ने बैंकों के बाद कोऑपरेटिव बैंकों द्वारा सोने के बदले दिए जाने वाले कर्ज के नियमों में सख्ती कर दी है।

नए कदम के बाद अब कोऑपरेटिव बैंक भी बैंकों की तरह एक सीमित मात्रा में ही सोने के आभूषण, सिक्कों आदि पर कर्ज दे सकेंगे।

रिजर्व बैंक द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राज्य और केंद्रीय स्तर के कोऑपरेटिव बैंकों के लिए सोने के बदले कर्ज देना सीमित हो जाएगा।

रिजर्व बैंक के अनुसार कोऑपरेटिव बैंक किसी ग्राहक को कुल 50 ग्राम सोने के बराबर ही कर्ज दें सकेंगे। जिसकी सीमा में सोने के सिक्के, आभूषण आदि शामिल होंगे।

रिजर्व बैंक ने इसके पहले बैंकों के लिए इसी तरह का निर्देश जारी किया था, जिसमें बैंक किसी ग्राहक को कुल 50 ग्राम सोने के बराबर ही कर्ज दें सकते हैं। जिसकी सीमा में सोने के सिक्के, आभूषण, गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड म्यूचुअल फंड भी शामिल हैं।
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पांच करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्ज पर अधिक निगरानी
बैंकों के डूबते कर्ज से परेशान आरबीआई ने अब बैंकों के बड़े कर्ज पर सख्ती करने के दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत बैंकों को अब पांच करोड़ रुपये या उससे ज्यादा के कर्ज की नियमित अंतराल पर कानूनी ऑडिट करनी होगी। यह ऑडिट कर्ज चुकता होने की अवधि तक बैंकों को लगातार करनी होगी। जिससे कि कर्ज वसूली पर नजर रखी जा सके। ऑडिट के तहत सभी दस्तावेजों की हर बार समीक्षा होगी।

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