रिजर्व बैंक ने नहीं घटाई ब्याज दरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति की समीक्षा में आम आदमी को कोई राहत नहीं दी है। आरबीआई ने मौद्रिक नीति की समीक्षा करते हुए रेपो रेट में कोई कटौती नहीं की है।
आरबीआई ने रेपो रेट को 7.25 पर स्थिर रखा है साथ ही सीआरआर में भी कोई बदलाव ना करते हुए उसे 4 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है। इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की समीक्षा में मूल दरों में कटौती किए जाने को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे थे।
हालांकि ज्यादातर बैंकरों और विशेषज्ञों का पहले ही मानना था कि ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है क्योंकि फिलहाल खुदरा महंगाई की दर उच्च स्तर पर है और ऋण का उठान कम है।
इस साल दो बार हो चुकी है कटौती
वहीं, उद्योग जगत इसमें कटौती की मांग कर रहा था। उद्योग जगत की इस मांग के पीछे उनका तर्क था कि थोक महंगाई की दर कम है और औद्योगिक वृद्धि में नरमी है। गौरतबल है कि आरबीआई इस साल दो बार रेपो रेट में कटौती कर चुका है।
आपको बता दें कि रेपो रेट वह ब्याज दर है, जिसपर भारतीय रिजर्व बैंक अन्य बैंकों को कर्ज देता है। रेपो रेट में कमी से बैंकों को कम ब्याज देना पड़ता है, जिसका फायदा आम आदमी को मिलता है।
पहले कयास लगाए जा रहे थे कि अगर आरबीआई रेपो रेट में कटौती करता है तो आम आदमी को ईएमआई पर फायदा मिल सकता है।