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खुली बोली से होगी अक्षय ऊर्जा की बिक्री
नई दिल्ली /ब्यूरो
Updated Thu, 18 Dec 2014 09:20 AM IST
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जल्द ही अक्षय ऊर्जा की बिक्री भी खुली बोली के तहत की जाएगी। बिजली मंत्रालय बिजली की दरों में संशोधन के तहत ऐसा करने जा रही है। इस संशोधन प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है।
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मौजूदा प्रावधान के मुताबिक बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम)अक्षय ऊर्जा की खरीदारी अधिकृत आयोग द्वारा तय दर पर करती है। लेकिन प्रस्तावित प्रावधान के तहत अक्षय ऊर्जा की खरीदारी खुली बोली के तहत की जाएगी। इसकी खरीदारी के लिए लंबे समय के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) भी किया जाएगा।
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बिजली मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक लंबे समय तक अक्षय ऊर्जा की खरीदारी खुली बोली के तहत नहीं करने से अक्षय ऊर्जा से जुड़ी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं हो पाएगी और उपभोक्ता अक्षय ऊर्जा की प्रतिस्पर्धी दर के लाभ से वंचित रह जाएंगे।
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गैर अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की बिजली की खरीदारी दर खुली बोली के तहत तय की जाती है। बिजली की दरों को लेकर उत्पादक कंपनियों के बीच मुकाबला होने का लाभ उपभोक्ताओं को मिलता है।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक सरकार नए प्रस्ताव के तहत राज्यों को एक निर्धारित सीमा तक अक्षय ऊर्जा की खरीदारी को अनिवार्य कर सकती है। अक्षय ऊर्जा उत्पादकों की यह शिकायत रहती है कि राज्यों की तरफ से निकलने वाली मांग का उन्हें अंदाजा नहीं मिल पाता है।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक अक्षय ऊर्जा को मुख्यधारा में लाने के लिए उनके बीच प्रतिस्पर्धा शुरू करने की जरूरत है। सरकार का मानना है कि अक्षय ऊर्जा की लागत में कमी आ रही है और धीरे-धीरे इन क्षेत्रों को मिलने वाली सब्सिडी को भी समाप्त किया जा सकता है।